उदयपुर में रोडवेज बस में भारी भीड़, बुजुर्ग की दम घुटने से मौत
राजस्थान के उदयपुर से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां पर रोडवेज बस में भीड़भाड़ के कारण एक बुजुर्ग की दम घुटने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, मृतक बुजुर्ग उदयपुर से सिरोही डिपो जाने वाली बस में सवार हुए थे, जिसमें उस समय काफी भीड़ थी।
परिवार वालों के अनुसार, बुजुर्ग को पहले से ही सांस लेने में थोड़ी कठिनाई थी। भीड़ और बस के अंदर गर्मी के कारण उनकी स्थिति बिगड़ गई और उन्हें दम घुटने के कारण सड़क पर ही उनकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना परिवार ने तुरंत पुलिस को दी, और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
परिजनों का कहना है कि बुजुर्ग के साथ यह दुखद घटना उनके लिए अत्यंत दर्दनाक है। उनके रो-रोकर बुरे हाल हैं। परिवार का आरोप है कि बस में भीड़ नियंत्रण की कमी और यात्री सुविधाओं की अनदेखी इस हादसे का मुख्य कारण बनी।
स्थानीय प्रशासन ने घटना की पुष्टि की है और कहा कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बस संचालन और भीड़ नियंत्रण के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। पुलिस और परिवहन विभाग ने यह भी कहा कि इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यात्री सुरक्षा उपाय और निगरानी बढ़ाई जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि रोडवेज बसों में भीड़भाड़, विशेषकर बुजुर्ग और बच्चों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि बसों की क्षमता से अधिक यात्रियों को न बैठाया जाए और यात्रियों की सुरक्षा के लिए नियमित चेकिंग की जाए।
इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा और सुविधा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। अगर बस में उचित व्यवस्था और यात्री नियंत्रण होता तो बुजुर्ग की जान बचाई जा सकती थी।
स्थानीय नागरिकों ने भी इस हादसे पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि गर्मियों और भीड़भाड़ वाले मौसम में ऐसे हादसे बढ़ सकते हैं। उन्होंने परिवहन विभाग से अपील की है कि यात्री सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए और समय-समय पर यात्रियों को जागरूक किया जाए।
उदयपुर रोडवेज बस में हुए इस दर्दनाक हादसे ने प्रशासन और नागरिकों दोनों के लिए चेतावनी का काम किया है। यह घटना बताती है कि भीड़ नियंत्रण, उचित बस क्षमता और यात्री सुरक्षा की गंभीर आवश्यकता है।
इस दुखद घटना से स्पष्ट होता है कि सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा मानकों का पालन न केवल नियमों की आवश्यकता है, बल्कि यह जिंदगी बचाने का सवाल भी है।