पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का कांग्रेस पर हमला, बोले- डोटासरा ने जिम्मेदारी से झाड़ा था पल्ला
राजस्थान में पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर सियासी बहस का केंद्र बन गया है। राजधानी जयपुर में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार और तत्कालीन शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान प्रदेश में डेढ़ दर्जन से अधिक पेपर लीक हुए थे, लेकिन उस समय शिक्षा मंत्री ने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय उससे पल्ला झाड़ लिया था।
मदन दिलावर ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया और भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार इन मामलों पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही।
"पेपर लीक से युवाओं का भरोसा टूटा"
शिक्षा मंत्री ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं के कारण लाखों अभ्यर्थियों को मानसिक, आर्थिक और शैक्षणिक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि जब भी ऐसी घटनाएं सामने आईं, तब तत्कालीन सरकार की जिम्मेदारी बनती थी कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करती और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाती।
दिलावर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बार-बार पेपर लीक होने के बावजूद जवाबदेही तय नहीं की गई।
डोटासरा पर साधा निशाना
मदन दिलावर ने कहा कि उस समय के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने इन घटनाओं की जिम्मेदारी लेने के बजाय खुद को इससे अलग रखने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि जनता और युवा आज भी उन घटनाओं को भूले नहीं हैं और पेपर लीक के मामलों में जवाब चाहते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वास बहाल करना वर्तमान सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
भर्ती परीक्षाओं को लेकर सरकार का दावा
शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि भर्ती परीक्षाओं में आधुनिक तकनीक का उपयोग, निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने और नकल व पेपर लीक पर सख्ती से रोक लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उनके अनुसार, सरकार का उद्देश्य योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराना और परीक्षा प्रक्रिया में जनता का भरोसा कायम रखना है।
पेपर लीक पर जारी है राजनीतिक घमासान
राजस्थान में पेपर लीक का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। एक ओर सत्तारूढ़ भाजपा पिछली कांग्रेस सरकार को इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहरा रही है, वहीं कांग्रेस वर्तमान सरकार की परीक्षा व्यवस्था और नीतियों पर सवाल उठा रही है।
प्रदेश में छात्रों और युवाओं के लिए यह मुद्दा बेहद संवेदनशील बना हुआ है। ऐसे में पेपर लीक को लेकर दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज होता जा रहा है।