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गहलोत बंगले पर BAP कार्यकर्ताओं की जॉइनिंग को लेकर डोटासरा का तंज, वीडियो में बोले- 'कांग्रेस के लिए काम करूंगा, किसी व्यक्ति की ब्रांडिंग के लिए नहीं'

 

राजस्थान कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी सियासत चर्चा में आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सरकारी आवास पर भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के कार्यकर्ताओं को कांग्रेस में शामिल कराए जाने को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बिना नाम लिए निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी एक व्यक्ति की ब्रांडिंग का मंच नहीं है और वह हमेशा संगठन के लिए काम करेंगे।डोटासरा ने कहा, "कोई व्यक्ति अपनी ब्रांडिंग के लिए काम करे, वह उनको मुबारक हो। गोविंद डोटासरा कांग्रेस के लिए काम करता है। जब तक कांग्रेस में हूं, कांग्रेस के लिए काम करूंगा। व्यक्ति की ब्रांडिंग के लिए मैं काम नहीं करूंगा।"

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दरअसल, हाल ही में पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय कुछ कार्यकर्ताओं के साथ पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पहुंचे थे। वहां BAP से जुड़े कार्यकर्ताओं को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई गई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अशोक गहलोत को चौथी बार मुख्यमंत्री बनाने की मांग को लेकर नारेबाजी भी की।

इसके बाद महेंद्रजीत मालवीय कार्यकर्ताओं को लेकर प्रदेश कांस मुख्यालय पहुंचे। यहां जब मालवीय भाषण देने लगे तो गोविंद सिंह डोटासरा ने माइक संभालते हुए कहा कि यहां मुख्यमंत्री वाले नारे नहीं लगाए जाएं और व्यक्ति विशेष की बात न की जाए।डोटासरा ने कहा, "यहां वो मुख्यमंत्री वाले नारे मत लगाना, व्यक्तिकी बात मत करना, अन्यथा पहले वाली बात हो जाएगी।" उनके इस बयान को कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी और नेतृत्व को लेकर जारी बहस से जोड़कर देखा जा रहा है।

'व्यक्तिवाद का नुकसान पार्टी ने झेला'

कांग्रेस में व्यक्तिवाद के सवाल पर डोटासरा ने कहा कि पार्टी को इसका नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा, "उसका नुकसान पार्टी ने झेल लिया। एक बार सरकार में आते हैं, एक बार नहीं आते हैं। हम में से किसी न किसी की तो कोई कमी रहती है।"उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए संगठन को मजबूत करना जरूरी है और सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं को पार्टी हित में काम करना चाहिए। डोटासरा ने इशारों में कहा कि कांग्रेस की मजबूती किसी एक नेता के बजाय सामूहिक प्रयास से होगी।

राजस्थान कांग्रेस में फिर तेज हुई चर्चा

गौरतलब है कि राजस्थान कांग्रेस में अशोक गहलोत और गोविंद सिंह डोटासरा दोनों ही प्रभावशाली नेताओं में शामिल हैं। विधानसभा चुनावों के बाद से पार्टी संगठन में नेतृत्व और रणनीति को लेकर समय-समय पर अलग-अलग मत सामने आते रहे हैं।BAP कार्यकर्ताओं के कांग्रेस में शामिल होने के कार्यक्रम को लेकर जिस तरह गहलोत समर्थकों ने मुख्यमंत्री पद को लेकर नारे लगाए और उसके बाद डोटासरा ने मंच से प्रतिक्रिया दी, उससे पार्टी के अंदर चल रही राजनीतिक खींचतान एक बार फिर सामने आ गई है।अब इस बयान के बाद राजस्थान कांग्रेस में संगठन बनाम व्यक्ति की राजनीति को लेकर बहस और तेज होने की संभावना है।