पानी के बकाया ₹1.44 लाख करोड़ को लेकर पंजाब और राजस्थान में विवाद तेज
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि उनकी सरकार राजस्थान से पानी के बकाया भुगतान को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाएगी। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान लंबे समय से पंजाब का पानी उपयोग कर रहा है, लेकिन इसके बदले मिलने वाली रॉयल्टी (फीस) का भुगतान नहीं किया गया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के अनुसार, यह बकाया राशि करीब ₹1.44 लाख करोड़ तक पहुंच चुकी है, जिसे वसूलने के लिए अब कानूनी रास्ता अपनाया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि उनकी सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और इस पर कोर्ट में लड़ाई लड़ी जाएगी।
मान ने अपने बयान में कहा, “हम कोर्ट में केस लड़ेंगे और अब राजस्थान सरकार को वहीं जवाब देना होगा।” उनके इस बयान के बाद दोनों राज्यों के बीच पानी को लेकर चल रहा पुराना विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
यह मुद्दा ऐतिहासिक जल समझौतों और पानी के बंटवारे से जुड़ा हुआ है, जिस पर दोनों राज्यों के अपने-अपने दावे और तर्क हैं। पंजाब सरकार का कहना है कि राजस्थान द्वारा लंबे समय से पानी का उपयोग किया जा रहा है, जिसके बदले उचित भुगतान नहीं हुआ, जबकि राजस्थान सरकार इस तरह के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बता रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विवादों का समाधान संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से ही संभव है। ऐसे मामलों में केंद्र सरकार और न्यायालय की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि पानी का मुद्दा राज्यों के बीच संवेदनशील और जटिल विषय है।
फिलहाल, इस बयान के बाद दोनों राज्यों के बीच तनाव बढ़ने की संभावना है और आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है। अदालत में दायर होने वाले इस संभावित मामले पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।