प्रारंभिक शिक्षा निदेशक का बड़ा फैसला, अब अभिभावक के शपथ पत्र के आधार पर भी मिलेगा दाखिला
प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया है। अब विद्यार्थियों को स्कूलों में दाखिला अभिभावक के शपथ पत्र (Affidavit) के आधार पर भी दिया जा सकेगा। इस फैसले से उन छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी जिनके पास आवश्यक दस्तावेज तुरंत उपलब्ध नहीं होते।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के इस आदेश के अनुसार, यदि किसी विद्यार्थी के पास जन्म प्रमाण पत्र या अन्य आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं हैं, तो अभिभावक द्वारा दिए गए शपथ पत्र के आधार पर भी उसका अस्थायी रूप से प्रवेश किया जा सकेगा। बाद में निर्धारित समय सीमा के भीतर मूल दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होगा।
इस निर्णय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी बच्चे की शिक्षा केवल दस्तावेजों की कमी के कारण बाधित न हो। विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को इससे काफी राहत मिलने की उम्मीद है, जहां कई बार दस्तावेज प्राप्त करने में देरी हो जाती है।
शिक्षा विभाग का मानना है कि यह कदम “सर्व शिक्षा” के लक्ष्य को मजबूत करेगा और अधिक से अधिक बच्चों को स्कूलों से जोड़ने में मदद करेगा। साथ ही नामांकन प्रक्रिया को भी अधिक लचीला और सरल बनाया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, शपथ पत्र के आधार पर प्रवेश अस्थायी होगा और दस्तावेज सत्यापन के बाद ही उसे पूर्ण माना जाएगा। यदि निर्धारित समय में दस्तावेज जमा नहीं किए जाते हैं, तो आगे की कार्रवाई नियमों के अनुसार की जाएगी।
कुल मिलाकर, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक का यह फैसला छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे शिक्षा तक पहुंच और अधिक आसान होने की उम्मीद है।