जयपुर में डिजिटल अरेस्ट कर 1.70 लाख की ठगी, वीडियो में जाने विदेश में बेटे के रेप केस में फंसने का डर दिखाया
जयपुर में साइबर ठगी का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने एक व्यक्ति को करीब एक घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर 1 लाख 70 हजार रुपए ठग लिए। आरोपियों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ित को डराया कि उसका बेटा विदेश में रेप के मामले में पकड़ा गया है। बेटे को कानूनी कार्रवाई से बचाने और उसका नाम FIR से हटवाने के नाम पर आरोपियों ने रकम की मांग की। ठगों ने पीड़ित को इतना डरा दिया कि वह करीब एक घंटे तक साइबर अपराधियों के निर्देश पर वीडियो कॉल पर बना रहा। इस दौरान उसे लगातार धमकाया जाता रहा और वीडियो कॉल के जरिए निगरानी में रखा गया। ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित ने रविवार को जालूपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
खुद को पुलिस अधिकारी बताकर डराया
जानकारी के अनुसार साइबर अपराधियों ने पीड़ित को वीडियो कॉल किया और खुद को पुलिस अधिकारी बताया। आरोपियों ने कहा कि उनका बेटा विदेश में रेप के मामले में पकड़ा गया है। उन्होंने विदेशी कानूनों का हवाला देते हुए बेटे के साथ कथित तौर पर होने वाली कानूनी कार्रवाई और टॉर्चर की बात बताकर पीड़ित को और डरा दिया।पीड़ित ने जब बेटे को बचाने की गुहार लगाई तो ठगों ने उससे कहा कि यदि वह बेटे का नाम FIR से हटवाना चाहता है तो उसे पैसे देने होंगे। इसके लिए आरोपियों ने 1 लाख 70 हजार रुपए की मांग की।
वीडियो कॉल पर बेटे के रोने की आवाज सुनाई
साइबर ठगों ने पीड़ित को अपने जाल में फंसाने के लिए पूरी कहानी को भरोसेमंद दिखाने की कोशिश की। आरोपियों ने वीडियो कॉल पर बेटे के साथ मारपीट किए जाने जैसी आवाजें सुनाईं। इसके बाद रोने की आवाज में कथित तौर पर बेटे से पीड़ित की बात भी करवाई गई।बेटे की आवाज सुनकर पीड़ित बुरी तरह घबरा गया। जब उसने पैसे की व्यवस्था नहीं होने की बात कही तो आरोपियों ने उसे लगातार डराया और धमकाया। उन्होंने कहा कि पैसे नहीं देने पर उसके बेटे के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रिश्तेदारों और परिचितों से मंगवाए पैसे
आरोपियों के दबाव में आकर पीड़ित ने परिचितों और रिश्तेदारों से पैसों की व्यवस्था करवाई। साइबर अपराधियों ने कुछ बैंक खातों की जानकारी दी, जिनमें कुल 1 लाख 70 हजार रुपए ट्रांसफर करवाए गए।करीब एक घंटे तक पीड़ित को वीडियो कॉल पर बनाए रखने के बाद ठगों ने उसे अपने बताए निर्देशों का पालन करने के लिए मजबूर किया। पीड़ित को उस समय तक यह विश्वास था कि उसका बेटा वास्तव में किसी गंभीर कानूनी मामले में फंस गया है।
बेटे को फोन किया तो खुला साइबर ठगी का राज
पैसे ट्रांसफर करने के बाद जब पीड़ित ने खुद अपने बेटे से फोन पर संपर्क किया तो पूरी सच्चाई सामने आ गई। बेटे ने बताया कि वह सुरक्षित है और उसके खिलाफ विदेश में किसी रेप केस में गिरफ्तारी जैसी कोई बात नहीं हुई है।इसके बाद पीड़ित को समझ आया कि वह साइबर ठगों के जाल में फंस गया था और उससे 1 लाख 70 हजार रुपए की ठगी हो चुकी है। मामले में पीड़ित ने जालूपुरा थाने पहुंचकर साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों को लेकर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत को सामने रखा है। पुलिस लगातार लोगों से अपील करती रही है कि फोन या वीडियो कॉल पर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर धमकाने वाले लोगों के दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें।