निर्माण की धीमी गति से श्रद्धालु हो रहे परेशान, गुणवत्ता की भी हो रही अनदेखी
शहर में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार को लेकर स्थानीय विधायक ने यूडीए अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। समीक्षा बैठक के दौरान विधायक ने अधिकारियों से दो टूक शब्दों में कहा कि जब विकास कार्यों की समयसीमा पहले से निर्धारित है, तो फिर तय समय में काम पूरे क्यों नहीं हो रहे हैं। विधायक के सख्त तेवरों से बैठक में मौजूद अधिकारियों के बीच हलचल मच गई।
बैठक में क्षेत्र की विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान सामने आया कि कई सड़क निर्माण, सीवरेज, ड्रेनेज और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य लंबे समय से अधूरे पड़े हैं। विधायक ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जनता लगातार समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग समय पर काम पूरा करने में गंभीरता नहीं दिखा रहा।
विधायक ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्य केवल फाइलों और बैठकों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार जनता को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लगातार बजट उपलब्ध करा रही है, इसके बावजूद यदि कार्यों में देरी हो रही है तो इसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
बैठक के दौरान विधायक ने लंबित परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी मांगी और पूछा कि आखिर किन कारणों से कार्य समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं। अधिकारियों ने कुछ तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों का हवाला दिया, लेकिन विधायक इन जवाबों से संतुष्ट नजर नहीं आए। उन्होंने कहा कि यदि पहले से समयसीमा तय है तो विभाग को उसी अनुसार योजना बनाकर काम करना चाहिए।
विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर उन्हें जल्द पूरा किया जाए। साथ ही उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि आने वाले समय में भी लापरवाही सामने आई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने विधायक के इस सख्त रुख का स्वागत किया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि लंबे समय से अधूरे विकास कार्यों के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को उम्मीद है कि विधायक की नाराजगी के बाद अब प्रशासन सक्रिय होगा और विकास कार्यों में तेजी आएगी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा अधिकारियों की जवाबदेही तय करना प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। विधायक की इस स्पष्ट चेतावनी ने यह संदेश दे दिया है कि विकास कार्यों में देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय होगी।