×

राजस्थान में बारिश के अलर्ट के बावजूद मौसम रहा सूखा, 39.6 डिग्री तक पहुंचा पारा; आज 14 जिलों में यलो अलर्ट

 

राजस्थान में मानसून एक बार फिर सुस्त पड़ता नजर आ रहा है। लगातार दूसरे दिन मौसम विभाग की ओर से बारिश का अलर्ट जारी किए जाने के बावजूद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश नहीं हुई। शनिवार को मौसम विभाग ने राज्य के 18 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया था, लेकिन इसके उलट सिर्फ चार जिलों में ही हल्की बारिश दर्ज की गई। बाकी जिलों में दिनभर मौसम साफ रहा। बारिश नहीं होने के कारण कई इलाकों में गर्मी और उमस का असर बढ़ गया।

मौसम विभाग ने रविवार को भी प्रदेश के 14 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि, मानसून की मौजूदा स्थिति को देखते हुए बारिश को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर दिशा में बनी हुई है और पिछले कुछ दिनों से वहीं अटकी हुई है।

नौ शहरों में 35 डिग्री या उससे ज्यादा तापमान

बारिश नहीं होने का सीधा असर प्रदेश के तापमान पर दिखाई दिया। शनिवार को राजस्थान के नौ शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। इनमें सबसे अधिक गर्मी गंगानगर में रही, जहां अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

बारिश की कमी के कारण दिन में धूप और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ाई। कई इलाकों में सुबह और दोपहर के समय वातावरण में नमी बनी रही, लेकिन बादल पर्याप्त सक्रिय नहीं हुए। इससे तापमान में बढ़ोतरी हुई और लोगों को मानसून के मौसम में भी गर्मी का सामना करना पड़ा।

आज 14 जिलों में यलो अलर्ट

मौसम विभाग ने रविवार के लिए राज्य के 14 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने इन क्षेत्रों में मौसम में बदलाव और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। हालांकि, पिछले दिनों अलर्ट के बावजूद अधिकांश इलाकों में बारिश नहीं होने से लोगों की नजर अब मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर बनी हुई है।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति की ओर लौटता है तो राजस्थान में बारिश की गतिविधियां फिर से बढ़ सकती हैं। फिलहाल ट्रफ के उत्तर दिशा में बने रहने से प्रदेश में मानसून कमजोर दिखाई दे रहा है।

उत्तर भारत में सक्रिय है मानसून

मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान में मानसून ट्रफ अमृतसर, नजीबाबाद और हरदोई से होते हुए पूर्वी मध्य प्रदेश में बने वेल मार्क लो-प्रेशर एरिया से गुजर रही है। इसके बाद यह जमशेदपुर और दीघा होते हुए बंगाल की खाड़ी तक पहुंच रही है।

मानसून ट्रफ की इस स्थिति के कारण पंजाब, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कई इलाकों में अच्छी बारिश हो रही है। इन क्षेत्रों में मानसून सिस्टम ज्यादा सक्रिय है, जबकि राजस्थान में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर बनी हुई हैं।

गर्मी और उमस से राहत का इंतजार

राजस्थान में मानसून के कमजोर पड़ने से लोगों को बारिश के साथ-साथ गर्मी और उमस से राहत का भी इंतजार है। लगातार बारिश नहीं होने से दिन का तापमान बढ़ रहा है। खासतौर पर पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में गर्मी का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है।

अब मौसम विभाग के रविवार के यलो अलर्ट पर निगाहें टिकी हैं। यदि मौसम प्रणाली में बदलाव होता है और मानसून ट्रफ दक्षिण दिशा में आती है, तो प्रदेश में बारिश का दौर दोबारा सक्रिय हो सकता है। फिलहाल राज्य के अधिकांश हिस्सों में गर्मी, उमस और बारिश की प्रतीक्षा बनी हुई है।