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NTA को भंग करने की मांग: वीडियो में देखें अशोक गहलोत बोले- बार-बार पेपर लीक रोक नहीं पा रही एजेंसी

 

Ashok Gehlot ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। शुक्रवार को जयपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए गहलोत ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) परीक्षा कराने में पूरी तरह विफल साबित हुई है और अब इसे भंग कर देना चाहिए।

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गहलोत ने कहा, “जब आप बार-बार पेपर लीक होने से रोक नहीं पा रहे हो, जब आप ठीक तरीके से एग्जाम करा नहीं पा रहे हो, तो NTA को खत्म कर देना चाहिए।” उन्होंने सुझाव दिया कि पहले की तरह परीक्षाएं आयोजित कराने का अधिकार राज्यों को वापस दे देना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार तीन वर्षों से पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने अब तक पुराने मामलों की निष्पक्ष जांच नहीं करवाई। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “जब तीनों बार पेपर लीक हुआ तो उसकी जांच क्यों नहीं करवाई गई? अगर सरकार में हिम्मत है तो पिछले तीन साल के सभी पेपर लीक मामलों की जांच CBI से करानी चाहिए।”

गहलोत ने कहा कि जब वर्ष 2026 के NEET पेपर लीक मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई है, तो फिर 2024 और 2025 के मामलों की जांच भी उसी एजेंसी से करवाई जानी चाहिए। उनके अनुसार, इससे पूरी सच्चाई सामने आएगी और यह पता चलेगा कि आखिर परीक्षा प्रणाली में लगातार गड़बड़ियां क्यों हो रही हैं।

इस दौरान गहलोत ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आम जनता पहले से महंगाई से परेशान है और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी लोगों की मुश्किलें और बढ़ा रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य और रोजगार के मुद्दों पर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र सालों मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक की घटनाएं उनकी मेहनत और विश्वास दोनों को तोड़ रही हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि NEET पेपर लीक का मुद्दा अब राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा विषय बनता जा रहा है। विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को परीक्षा प्रणाली की विफलता और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के मुद्दे पर घेर रहा है।

फिलहाल, NEET विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। अब सभी की नजर केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।