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राजस्थान में तहसीलदारों की पोस्टिंग में देरी, विभागीय कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

 

राजस्थान में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। प्रमोशन मिलने के तीन महीने बाद भी करीब 200 तहसीलदारों को अब तक पोस्टिंग नहीं मिल पाई है, जिससे विभागीय कामकाज प्रभावित होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

राज्य सरकार ने 12 दिसंबर 2025 को कुल 200 अधिकारियों को तहसीलदार पद पर पदोन्नत किया था। इनमें राजस्थान तहसीलदार सेवा से चयनित 127 नायब तहसीलदार और अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी वर्ग के 73 अधिकारियों को पदोन्नति दी गई थी। इसके बावजूद, अब तक इन अधिकारियों को उनकी पोस्टिंग का इंतजार है।

अधिकारियों के अनुसार, पोस्टिंग में देरी के कारण कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। तहसील स्तर पर कामकाज सुचारू रूप से संचालित करने के लिए तहसीलदारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, लेकिन खाली पदों या लंबित नियुक्तियों के चलते आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सूत्रों का कहना है कि पोस्टिंग प्रक्रिया में देरी के पीछे प्रशासनिक और तकनीकी कारण हो सकते हैं, हालांकि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। वहीं, इस मुद्दे को लेकर विभाग के भीतर असंतोष की स्थिति भी देखी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासनिक कार्यों में इस तरह की देरी से न केवल सरकारी तंत्र की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, बल्कि आम नागरिकों को भी आवश्यक सेवाओं के लिए भटकना पड़ता है।

इस मामले में अब विभाग से जल्द से जल्द पोस्टिंग प्रक्रिया पूरी करने की उम्मीद की जा रही है, ताकि तहसील स्तर पर प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके और जनता को राहत मिल सके।

राजस्व विभाग की इस स्थिति ने एक बार फिर प्रशासनिक सुधार और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया की आवश्यकता को उजागर किया है।