पशु अस्पताल से तीन दिन से नहीं उठे मरे जानवर, बदबू से स्टाफ परेशान; संक्रमण फैलने का खतरा
पशु अस्पताल में मृत जानवरों के शवों का समय पर निस्तारण नहीं होने से अस्पताल परिसर में हालात बिगड़ गए हैं। यहां पिछले तीन दिनों से मरे हुए जानवर पड़े होने के कारण तेज दुर्गंध फैल रही है। बदबू इतनी अधिक है कि अस्पताल में तैनात कर्मचारियों के लिए बैठकर काम करना भी मुश्किल हो गया है। अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि अस्पताल परिसर में कई मृत पशुओं के शव पड़े हैं। तीन दिन बीत जाने के बावजूद इन्हें वहां से हटाया नहीं गया। गर्मी और खुले में पड़े शवों के कारण दुर्गंध लगातार बढ़ती जा रही है। इसके चलते अस्पताल के आसपास का वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि बदबू के कारण उन्हें पूरे समय परेशानी झेलनी पड़ रही है और काम करने में भी दिक्कत हो रही है।
अस्पताल स्टाफ के अनुसार, मृत जानवरों के शवों का समय पर निस्तारण होना जरूरी है। लंबे समय तक शव पड़े रहने से आसपास गंदगी बढ़ती है और मक्खी-मच्छरों समेत दूसरे कीटों का प्रकोप भी बढ़ सकता है। इससे अस्पताल में आने वाले पशुओं, उनके मालिकों और कर्मचारियों के लिए संक्रमण का खतरा पैदा हो सकता है। खास तौर पर पशु अस्पताल में पहले से बीमार और कमजोर पशु उपचार के लिए आते हैं, ऐसे में साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर लापरवाही चिंता का विषय बन गई है।
अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि लगातार आ रही दुर्गंध के कारण कई बार मुंह पर कपड़ा रखकर काम करना पड़ रहा है। कुछ कर्मचारियों के लिए तो अपने स्थान पर बैठना तक मुश्किल हो गया है। अस्पताल में आने वाले पशुपालकों को भी दुर्गंध के कारण काफी परेशानी हो रही है। उनका कहना है कि उपचार के लिए आने वाले लोगों को साफ और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए, लेकिन मृत पशुओं के शवों के कारण स्थिति इसके विपरीत नजर आ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मृत जानवरों के शवों को जल्द से जल्द अस्पताल परिसर से हटाकर निर्धारित स्थान पर निस्तारित किया जाना चाहिए। यदि शवों को लंबे समय तक ऐसे ही छोड़ दिया गया तो दुर्गंध और संक्रमण का खतरा और बढ़ सकता है। लोगों ने संबंधित विभाग से मामले में तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।
वहीं, अस्पताल प्रशासन से भी मृत पशुओं के शवों को हटाने और परिसर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में लोग और पशु आते हैं, इसलिए स्वच्छता व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
तीन दिन से पड़े मृत जानवरों के शवों को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर जिम्मेदार विभाग की ओर से इन्हें हटाने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की मांग है कि शवों का तत्काल निस्तारण कराया जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए जिम्मेदारी तय कर नियमित सफाई और मृत पशुओं के निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।