×

बांदीकुई में अखिल भारतीय किन्नर महासम्मेलन का सातवां दिन: भात यात्रा बनी ऐतिहासिक

 

राजस्थान के बांदीकुई में चल रहे अखिल भारतीय किन्नर महासम्मेलन का सातवां दिन ऐतिहासिक बन गया। सम्मेलन के दौरान आयोजित भात कार्यक्रम में हजारों लोगों ने भाग लिया, जिससे आयोजन स्थल तक पहुंचने वाली यात्रा लगभग तीन किलोमीटर लंबी हो गई। यात्रा पूरी करने में दो घंटे से अधिक समय लगा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को विशेष मशक्कत करनी पड़ी।

सम्मेलन के आयोजकों ने बताया कि भात यात्रा का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों के बीच भाईचारे और समानता का संदेश देना है। इसमें शामिल लोग परंपरागत वेशभूषा और रंग-बिरंगे झंडों के साथ समारोह स्थल तक पहुंचे। आयोजकों का कहना है कि इस वर्ष की भात यात्रा सबसे बड़ी और भीड़भरी यात्रा रही है, जिसे ऐतिहासिक रूप में दर्ज किया जाएगा।

इस मौके पर बांदीकुई विधायक भागचंद टाकडा ने भात यात्रा में विशेष योगदान दिया। उन्होंने 21,01,101 रुपये सहित सोने के आभूषण भात के रूप में दिए। विधायक के इस योगदान ने आयोजन में उत्साह और महत्त्व को और बढ़ा दिया। आयोजकों ने इसे किन्नर समाज और सम्मेलन के प्रति विधायक की संवेदनशीलता का उदाहरण बताया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भीड़ को संभालने और मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें विशेष व्यवस्था करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि यात्रा में शामिल हजारों लोग सुरक्षित रूप से सम्मेलन स्थल तक पहुंचे और किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।

सम्मेलन के दौरान समाज के विभिन्न हिस्सों के लोग शामिल हुए और उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया। आयोजकों ने कहा कि भात यात्रा ने न केवल समुदाय में भाईचारे का संदेश दिया, बल्कि किन्नर समाज की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को भी मजबूत किया।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे आयोजनों से समाज में समावेशिता और समानता को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि विधायक और अन्य दानकर्ताओं का योगदान केवल आर्थिक नहीं, बल्कि समाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होता है।

सम्मेलन में आने वाले दिनों में और भी सांस्कृतिक कार्यक्रम, नृत्य और सामाजिक संवाद आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों ने कहा कि आने वाले वर्षों में भात यात्रा को और बड़े पैमाने पर आयोजित करने की योजना है।

बांदीकुई में यह भात यात्रा अब ऐतिहासिक रिकॉर्ड का हिस्सा बन चुकी है। विधायक भागचंद टाकडा के योगदान, हजारों लोगों की भागीदारी और पुलिस के समन्वित प्रयास ने इसे सफल और यादगार बना दिया।

इस यात्रा ने साबित कर दिया कि सामाजिक समावेशिता, भाईचारा और सांस्कृतिक गौरव को बड़े आयोजन और समुदाय की भागीदारी के माध्यम से बढ़ावा दिया जा सकता है।