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राजस्थान में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, वीडियो में जाने 29 अक्टूबर को जयपुर-कोटा समेत 18 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट; 30 को 22 जिलों में चेतावनी

 

बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर राजस्थान के मौसम पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छा सकते हैं और कुछ जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर को जयपुर और कोटा समेत 18 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, 30 अक्टूबर को 22 जिलों के लिए बारिश की चेतावनी दी गई है।

मौसम में संभावित बदलाव के बीच पंचायत चुनाव के दूसरे चरण को लेकर भी सतर्कता जरूरी हो गई है। 30 अक्टूबर को प्रदेश के 22 जिलों में पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान होना है। इनमें से 14 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में मौसम का असर मतदान केंद्रों तक पहुंचने वाले मतदाताओं और चुनावी व्यवस्थाओं पर पड़ सकता है।

29 अक्टूबर को इन जिलों में बारिश की चेतावनी

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मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात से जुड़ी समुद्री हवाओं के प्रभाव से राजस्थान के कुछ हिस्सों में बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है। 29 अक्टूबर को जयपुर, कोटा समेत 18 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

यलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम की संभावित स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है। बारिश और तेज हवाओं के कारण स्थानीय स्तर पर सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, हर जिले में बारिश की तीव्रता एक जैसी रहने की संभावना नहीं है।मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर बादलों और बारिश का प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।

30 अक्टूबर को 22 जिलों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 30 अक्टूबर को राजस्थान के 22 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इसी दिन पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के तहत पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान होना है।जिन 22 जिलों में चुनाव होने हैं, उनमें से 14 जिलों में बारिश की चेतावनी दी गई है। इनमें अजमेर, अलवर, भीलवाड़ा, दौसा, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, जोधपुर, करौली, कोटा, नागौर, पाली, राजसमंद और सीकर शामिल हैं।बारिश होने की स्थिति में ग्रामीण इलाकों में मतदाताओं की आवाजाही और मतदान केंद्रों तक पहुंचने में कुछ परेशानी हो सकती है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव बारिश की मात्रा और स्थानीय मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा। चुनावी अधिकारियों और मतदाताओं के लिए मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखना महत्वपूर्ण रहेगा।

मौसम विभाग ने क्या कहा?

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के मुताबिक, राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में आगामी  दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि, पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर, अजमेर और कोटा संभाग के कुछ इलाकों में 29 और 30 अक्टूबर को बादल छाए रह सकते हैं।इस पूर्वानुमान से संकेत मिलता है कि पूरे राजस्थान में एक जैसी मौसमी स्थिति नहीं रहेगी। कुछ क्षेत्रों में मौसम शुष्क रह सकता है, जबकि पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बादल और बारिश देखने को मिल सकती है।

किसानों और आम लोगों को मौसम पर नजर रखने की सलाह

चक्रवात से जुड़े मौसम परिवर्तन को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और स्थानीय चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए। तेज हवा या बारिश की स्थिति में खुले स्थानों पर सावधानी बरतना जरूरी है।पंचायत चुनाव के दूसरे चरण को देखते हुए 30 अक्टूबर का मौसम खास महत्व रखेगा। मतदान वाले जिलों में बारिश की संभावना के बीच प्रशासनिक तैयारियों और मौसम के अपडेट पर नजर बनी रहेगी। हालांकि, बारिश कहां और कितनी होगी, इसका अधिक स्पष्ट अनुमान ताजा मौसम बुलेटिन से ही लगाया जा सकेगा।