श्रीगंगानगर में डॉक्टर से 17 लाख की साइबर ठगी, गिरफ्तारी के डर से बनाया निशाना
राजस्थान के श्रीगंगानगर शहर में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक डॉक्टर को 17 लाख रुपये का चूना लगा दिया गया। ठगों ने खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसियों से जुड़ा बताकर पीड़ित को डराया और फिर उसे गिरफ्तारी का भय दिखाकर बड़ी रकम ठग ली।
जानकारी के अनुसार, साइबर ठगों ने डॉक्टर से संपर्क कर खुद को सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताया। उन्होंने डॉक्टर पर मनी लॉन्ड्रिंग और देशद्रोह जैसे गंभीर मामलों में फंसने का झांसा दिया। इसके बाद आरोपियों ने उसे लगातार फोन और वीडियो कॉल के जरिए मानसिक दबाव में रखा और कहा कि अगर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो उसकी गिरफ्तारी हो सकती है।
इस तरह के डर और दबाव के चलते डॉक्टर ने ठगों की बातों पर भरोसा कर लिया और अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 17 लाख रुपये उनके बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उसे संदेह हुआ और उसने जांच की, तब उसे पता चला कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गया है।
घटना की जानकारी मिलने पर पीड़ित डॉक्टर ने तुरंत SOG ATS को शिकायत भेजी। इसके बाद मामला गंभीरता से लेते हुए जीरो नंबर FIR दर्ज की गई और आगे की जांच के लिए केस को साइबर थाना में ट्रांसफर कर दिया गया।
पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों की पहचान करने के लिए बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में साइबर अपराधी लोगों को डराने के लिए सरकारी एजेंसियों का फर्जी नाम इस्तेमाल करते हैं और लोगों को मानसिक रूप से दबाव में लेकर ठगी को अंजाम देते हैं।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल या संदिग्ध व्यक्ति की बातों में न आएं और इस तरह की किसी भी सूचना की पुष्टि पहले आधिकारिक माध्यमों से करें। साथ ही, अगर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।
यह मामला एक बार फिर इस बात की चेतावनी देता है कि साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं, और सतर्कता ही इससे बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।