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श्रीगंगानगर में साइबर ठगी का बड़ा मामला: डॉक्टर से 17 लाख रुपये की ठगी, गिरफ्तारी का डर दिखाकर बनाया शिकार

 

जिले में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक डॉक्टर को ठगों ने अपने जाल में फंसाकर करीब 17 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने बेहद सुनियोजित तरीके से डॉक्टर को डर और भ्रम में डालकर इस वारदात को अंजाम दिया।

जानकारी के अनुसार, ठगों ने खुद को सरकारी एजेंसियों से जुड़ा बताकर डॉक्टर को फोन किया और उस पर मनी लॉन्ड्रिंग तथा देशद्रोह जैसे गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने डॉक्टर को यह कहकर डराया कि उसके खिलाफ मामला दर्ज हो चुका है और उसे जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है। इस डर का फायदा उठाकर आरोपियों ने डॉक्टर से कई किस्तों में 17 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।

ठगों ने डॉक्टर को लगातार मानसिक दबाव में रखा और उसे किसी से भी इस बारे में बात न करने की चेतावनी दी। गिरफ्तारी के डर और तनाव के चलते डॉक्टर उनकी बातों में आ गया और पैसे ट्रांसफर कर दिए।

बाद में जब डॉक्टर को इस ठगी का अहसास हुआ, तो उसने तुरंत मामले की शिकायत एसओजी और एटीएस को दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जीरो नंबर एफआईआर दर्ज की और मामले को आगे की जांच के लिए साइबर थाना को सौंप दिया।

साइबर पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और ठगों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि यह एक संगठित साइबर गिरोह का काम हो सकता है, जो लोगों को डराकर उनसे पैसे ऐंठता है।

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या संदिग्ध व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर न करें और तुरंत इसकी सूचना नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पलाइन पर दें। साथ ही, किसी भी प्रकार की सरकारी जांच या गिरफ्तारी के नाम पर डराने-धमकाने वाले कॉल्स को गंभीरता से न लें और सत्यापन जरूर करें।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि साइबर अपराधी नई-नई तकनीकों और तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में सतर्कता और जागरूकता ही इससे बचने का सबसे बड़ा उपाय है।

फिलहाल, पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा किया जा रहा है।