अजमेर में ‘पन्नाधाय बाल गोपाल दूध योजना’ पर संकट, 6 महीने से बच्चों को नहीं मिल रहा ताजा दूध
राजस्थान के Ajmer जिले में सरकारी स्कूलों में चल रही ‘पन्नाधाय बाल गोपाल दूध योजना’ पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार पिछले लगभग 6 महीनों से स्कूली बच्चों को योजना के तहत नियमित रूप से दूध उपलब्ध नहीं हो रहा है।
इस स्थिति के पीछे मुख्य कारण भुगतान में देरी और सप्लाई व्यवस्था का बाधित होना बताया जा रहा है। सप्लायरों को समय पर भुगतान नहीं मिलने के कारण वितरण व्यवस्था प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों पर पड़ा है।
स्थिति ऐसी हो गई है कि कई स्कूलों में बच्चों को अब ताजा दूध की जगह पाउडर दूध पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इससे पोषण योजना के मूल उद्देश्य पर भी असर पड़ रहा है, जिसका मकसद बच्चों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराना था।
स्थानीय स्तर पर शिक्षकों और अभिभावकों ने इस समस्या को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि छोटे बच्चों के पोषण के लिए यह योजना बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन लगातार सप्लाई बाधित होने से इसका लाभ सही तरीके से नहीं मिल पा रहा है।
वहीं प्रशासनिक स्तर पर मामला भुगतान और आपूर्ति व्यवस्था से जुड़ा बताया जा रहा है। संबंधित विभागों से समन्वय कर समस्या को दूर करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है।
शिक्षा और पोषण विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाओं में नियमितता बेहद जरूरी होती है, क्योंकि बच्चों के स्वास्थ्य और विकास पर इसका सीधा असर पड़ता है। सप्लाई में रुकावट से योजना का उद्देश्य कमजोर हो जाता है।
फिलहाल अजमेर जिले में इस योजना की स्थिति को लेकर चर्चा तेज है और लोग जल्द से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि स्कूली बच्चों को फिर से नियमित रूप से दूध मिलना शुरू हो सके।