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SMS मेडिकल कॉलेज में डॉ. धनंजय की वापसी से विवाद तेज, इमरजेंसी के बाद नेफ्रोलॉजी यूनिट हेड बनाने की तैयारी पर टीचर्स एसोसिएशन ने जताई आपत्ति

 

राजस्थान के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थानों में शामिल सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर डॉ. धनंजय की नियुक्ति को लेकर विवाद शुरू हो गया है। इमरजेंसी विभाग में जिम्मेदारी मिलने के बाद अब उन्हें नेफ्रोलॉजी यूनिट का हेड बनाए जाने की तैयारी की जा रही है। इस प्रस्ताव को लेकर कॉलेज के टीचर्स एसोसिएशन ने विरोध दर्ज कराया है। एसोसिएशन का कहना है कि इस तरह की नियुक्तियों से नियमित चिकित्सकों के करियर और पदोन्नति के अवसर प्रभावित हो सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, डॉ. धनंजय की SMS मेडिकल कॉलेज में दोबारा एंट्री के बाद उन्हें पहले इमरजेंसी विभाग से जोड़ा गया। अब चिकित्सा प्रशासन की ओर से उन्हें नेफ्रोलॉजी विभाग की यूनिट की जिम्मेदारी देने पर विचार किया जा रहा है। इस फैसले को लेकर कॉलेज के कई वरिष्ठ चिकित्सकों में नाराजगी देखने को मिल रही है।

टीचर्स एसोसिएशन ने उठाए सवाल

SMS मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन ने इस मामले में आपत्ति जताते हुए कहा है कि विभागीय जिम्मेदारियां देने में वरिष्ठता, नियमित सेवा और नियमानुसार प्रक्रिया का ध्यान रखा जाना चाहिए। एसोसिएशन का तर्क है कि यदि बाहरी या विशेष नियुक्तियों को प्राथमिकता दी जाती है तो लंबे समय से सेवाएं दे रहे नियमित चिकित्सकों के प्रमोशन और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के अवसर कम हो सकते हैं।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि मेडिकल कॉलेजों में यूनिट हेड जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति का सीधा असर शिक्षण व्यवस्था, शोध कार्य और चिकित्सकों के भविष्य पर पड़ता है। इसलिए ऐसी नियुक्तियों में पारदर्शिता जरूरी है।

नेफ्रोलॉजी विभाग की जिम्मेदारी को लेकर चर्चा तेज

नेफ्रोलॉजी विभाग SMS अस्पताल का महत्वपूर्ण विभाग है, जहां किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों के मरीजों का इलाज किया जाता है। यूनिट हेड की जिम्मेदारी संभालने वाले चिकित्सक पर मरीजों के इलाज के साथ-साथ मेडिकल छात्रों के प्रशिक्षण और विभागीय प्रबंधन की भी जिम्मेदारी होती है।

डॉ. धनंजय को यह जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा के बाद विभाग के अंदर भी इसे लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ चिकित्सकों का मानना है कि अनुभव और विशेषज्ञता के आधार पर निर्णय लिया जाना चाहिए, जबकि कुछ इसे नियमित चिकित्सकों के हितों से जोड़कर देख रहे हैं।

प्रशासन के फैसले पर नजर

फिलहाल इस मामले में अंतिम आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन प्रस्ताव सामने आने के बाद चिकित्सा जगत में बहस तेज हो गई है। टीचर्स एसोसिएशन ने अपनी आपत्ति प्रशासन तक पहुंचा दी है। अब सभी की नजर SMS मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अगले कदम पर है।

यदि डॉ. धनंजय को नेफ्रोलॉजी यूनिट हेड की जिम्मेदारी दी जाती है तो यह नियुक्ति कॉलेज में एक नए विवाद को जन्म दे सकती है। वहीं प्रशासन के सामने चुनौती होगी कि वह सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए ऐसा फैसला करे, जिससे संस्थान की व्यवस्था और चिकित्सकों के हित दोनों सुरक्षित रह सकें।