सफाई ठेकों के भुगतान के लिए मांगी एक लाख की रिश्वत, ठेकेदार से 30-30 हजार रुपए पर तय हुआ सौदा
सफाई कार्य का भुगतान लेने पहुंचे एक ठेकेदार से विकास अधिकारी द्वारा कथित तौर पर रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि भुगतान जारी करने से पहले विकास अधिकारी ने रिश्वत की रकम तय करने की बात कही। शुरुआत में दो सफाई ठेकों के लिए एक लाख रुपए मांगे गए। ठेकेदार ने रकम ज्यादा बताते हुए कुछ कम करने की बात कही तो अधिकारी ने इसे सिस्टम का हिस्सा बताया।
ठेकेदार और विकास अधिकारी के बीच बातचीत के दौरान अधिकारी ने कथित तौर पर कहा, ‘ये तो सिस्टम है... आपकी इच्छा है तो काम कर लो, नहीं तो रहने दो। टेंडर कैंसिल करवा लो।’ इसके बाद दोनों सफाई ठेकों के लिए 30-30 हजार रुपए देने पर सहमति बनी।
एक लाख रुपए की मांग से शुरू हुई बातचीत
जानकारी के अनुसार, ठेकेदार अपने सफाई कार्यों का भुगतान लेने के लिए विकास अधिकारी के पास पहुंचा था। इसी दौरान कथित तौर पर रिश्वत की रकम को लेकर बातचीत हुई। विकास अधिकारी ने दोनों ठेकों के बदले एक लाख रुपए की मांग रखी।
ठेकेदार ने इतनी रकम देने में असमर्थता जताते हुए कहा कि साहब, कुछ कम कर लीजिए, रकम ज्यादा है। इस पर अधिकारी ने कथित तौर पर साफ कहा कि यह सिस्टम है और यदि ठेकेदार को काम करना है तो तय रकम देनी होगी, अन्यथा काम छोड़ सकता है।
दोनों ठेकों के लिए 60 हजार रुपए पर बनी सहमति
बातचीत के बाद रिश्वत की रकम कम करने पर सहमति बनी। आरोप के मुताबिक, दो सफाई ठेकों में से प्रत्येक के लिए 30-30 हजार रुपए तय किए गए। इस तरह कुल 60 हजार रुपए की रकम पर सौदा तय हुआ।
इस बातचीत से भुगतान के बदले कथित रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि यह बातचीत किस स्थान पर हुई और ठेकेदार ने बाद में रकम दी या नहीं।
जांच और कार्रवाई की जानकारी नहीं
फिलहाल उपलब्ध विवरण में विकास अधिकारी और ठेकेदार की पहचान, संबंधित विभाग या पंचायत समिति का नाम तथा किसी जांच एजेंसी की कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए रिश्वत मांगने से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और मामले में आगे की कार्रवाई के बारे में कुछ कहना संभव नहीं है।