राजस्थान के नाथद्वारा में 131 फीट ऊंची भव्य हनुमान प्रतिमा का निर्माण पूर्ण, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
राजस्थान के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले क्षेत्र नाथद्वारा में एक और भव्य आस्था का केंद्र तैयार हो गया है। यहां 131 फीट ऊंची विशाल हनुमान प्रतिमा, जिसे “श्री श्रीजी के हनुमानजी” के नाम से जाना जा रहा है, अब पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुकी है। यह प्रतिमा गिरिराज पर्वत पर स्थापित की गई है, जो समुद्र तल से लगभग 500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।
यह भव्य प्रतिमा राजस्थान के Rajasthan राज्य के प्रसिद्ध धार्मिक नगर Nathdwara में स्थापित की गई है, जो पहले से ही श्रीनाथजी मंदिर के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। इस नई प्रतिमा के निर्माण से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
गिरिराज पर्वत पर स्थित यह विशाल हनुमान प्रतिमा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह भारतीय शिल्पकला और आधुनिक निर्माण तकनीक का भी अद्भुत उदाहरण मानी जा रही है। प्रतिमा को विशेष रूप से ऐसे स्थान पर स्थापित किया गया है, जहां से श्रद्धालु दूर से ही इसके दिव्य स्वरूप के दर्शन कर सकें।
यह प्रतिमा विश्व प्रसिद्ध शिव प्रतिमा Vishwas Swaroopam के ठीक सामने स्थित है, जिससे पूरा क्षेत्र एक बड़े आध्यात्मिक कॉरिडोर के रूप में विकसित होता नजर आ रहा है। “विश्वास स्वरूपम” पहले से ही अपनी भव्यता के कारण पर्यटकों और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा है, और अब हनुमानजी की यह विशाल प्रतिमा इसे और भी महत्वपूर्ण बना रही है।
प्रतिमा का निर्माण Giriraj Parvat पर किया गया है, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यह क्षेत्र भगवान कृष्ण और गिरिराज धरण की लीलाओं से जुड़ा हुआ है, जिससे इसका आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
निर्माण कार्य में आधुनिक इंजीनियरिंग के साथ-साथ पारंपरिक कला का भी विशेष ध्यान रखा गया है। प्रतिमा को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह दूर से देखने पर अत्यंत दिव्य और जीवंत प्रतीत होती है। दिन के अलग-अलग समय पर सूर्य की रोशनी के साथ इसका स्वरूप और भी आकर्षक दिखाई देता है।
स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग का मानना है कि इस परियोजना के पूर्ण होने से न केवल नाथद्वारा, बल्कि पूरे राजसमंद क्षेत्र में पर्यटन को नई गति मिलेगी। होटल, परिवहन और स्थानीय व्यवसायों को भी इससे बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।
श्रद्धालुओं के अनुसार, हनुमानजी की यह विशाल प्रतिमा शक्ति, भक्ति और आस्था का प्रतीक है। इसे देखने के लिए देशभर से पर्यटकों के आने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस प्रकार, नाथद्वारा अब केवल श्रीनाथजी मंदिर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह एक प्रमुख आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित करेगा।