खेल नीतियों और नशे के बढ़ते प्रचलन के विरोध में कांग्रेस का ज्ञापन
राजस्थान में भाजपा सरकार की खेल नीतियों, मनरेगा योजना में कटौती और प्रदेश में बढ़ते नशे के प्रचलन के विरोध में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के खेलकूद प्रकोष्ठ ने मंगलवार को राज्यपाल और सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन सौंपने की कार्रवाई का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमीन पठान ने किया। इसके साथ ही खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान नीतियों के कारण प्रदेश में खेल, रोजगार और युवाओं का भविष्य संकट में है।
अमीन पठान ने बताया कि खेलकूद के लिए बजट और सुविधाओं में कमी के कारण युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, मनरेगा योजना में कटौती से ग्रामीण रोजगार प्रभावित हो रहे हैं, जिससे युवाओं में बेरोजगारी और नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि खेल और युवा विकास योजनाओं की अनदेखी से प्रदेश के खिलाड़ियों और युवाओं के मनोबल पर गंभीर असर पड़ रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार से आग्रह किया कि खेल और युवा कल्याण को प्राथमिकता दी जाए और नशे की बढ़ती समस्या पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
विशेषज्ञों का कहना है कि युवा और खेल क्षेत्र में निवेश की कमी से राज्य का भविष्य प्रभावित हो सकता है, और इसलिए नीतियों में सुधार के साथ-साथ जागरूकता और संसाधनों का बेहतर उपयोग आवश्यक है।
ज्ञापन सौंपने के बाद कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ एक सांकेतिक विरोध नहीं है, बल्कि युवाओं और खेल के हित में सरकार को जागरूक करने का प्रयास है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर राज्य सरकार ने सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन और प्रदर्शन बढ़ सकते हैं।
इस प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन के सामने यह स्पष्ट कर दिया कि खेल, रोजगार और युवाओं की भलाई पर कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है।