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राजस्थान में महावीर जयंती पर्व पर सरकारी अवकाश को लेकर असमंजस गहराया, जानें जैन समुदाय की क्या है मांग?

 

राजस्थान में इस वर्ष महावीर जयंती को लेकर सरकारी अवकाश पर असमंजस की स्थिति बन गई है। राज्य सरकार के अवकाश कैलेंडर में इस पर्व को लेकर स्पष्टता नहीं होने से जैन समुदाय में नाराजगी और चिंता देखी जा रही है। समुदाय के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व है, इसलिए इस दिन सरकारी अवकाश घोषित किया जाना चाहिए।

महावीर जयंती जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर Mahavira के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है। इस दिन जैन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, धार्मिक प्रवचन, शोभायात्रा और विभिन्न सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में जैन समुदाय का कहना है कि यदि इस दिन सरकारी अवकाश नहीं रहेगा तो बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो पाएंगे।

जैन समाज के पदाधिकारियों और संगठनों ने राज्य सरकार से मांग की है कि महावीर जयंती के दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए। उनका कहना है कि यह पर्व जैन धर्म के लिए अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण है, इसलिए इस दिन सरकारी कार्यालय, स्कूल और अन्य संस्थान बंद रहने चाहिए।

समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि पूर्व में भी महावीर जयंती पर कई राज्यों में सरकारी अवकाश घोषित किया जाता रहा है। ऐसे में राजस्थान में भी इस पर स्पष्ट निर्णय लिया जाना चाहिए, ताकि समुदाय की धार्मिक भावनाओं का सम्मान हो सके।

इस मुद्दे को लेकर जैन समाज के विभिन्न संगठनों ने प्रशासन और सरकार के समक्ष ज्ञापन भी प्रस्तुत किए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस विषय में निर्णय नहीं लिया गया तो समाज के लोग विरोध दर्ज कराने के लिए भी बाध्य हो सकते हैं।

फिलहाल राज्य सरकार की ओर से इस विषय में कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। प्रशासनिक स्तर पर मामले पर विचार किए जाने की बात कही जा रही है।

ऐसे में अब जैन समुदाय और आम लोगों की नजर सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई है कि महावीर जयंती के दिन राजस्थान में सरकारी अवकाश घोषित किया जाएगा या नहीं।