नशे की प्रवृत्ति और कारोबार पर रोक के लिए आमजन का सहयोग जरूरी: शिवहरे
समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और अवैध नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए आमजन के सहयोग को बेहद आवश्यक बताया गया है। इस संबंध में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शिवहरे ने कहा कि नशे जैसी सामाजिक बुराई से निपटने के लिए केवल प्रशासनिक कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नशे की लत युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रही है और इसके कारण कई परिवार भी प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में समाज को इस गंभीर समस्या के प्रति जागरूक होना होगा और नशे के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि उनके आसपास कहीं भी नशे का अवैध कारोबार होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित प्रशासनिक या पुलिस अधिकारियों को दें।
शिवहरे ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को सफल बनाने के लिए जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि वे इस बुराई से दूर रह सकें। उन्होंने यह भी कहा कि परिवारों की भूमिका भी इसमें बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि सही मार्गदर्शन से युवा नशे की लत से बच सकते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से भी नशे के अवैध कारोबार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस और अन्य संबंधित विभाग समय-समय पर अभियान चलाकर ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठा रहे हैं, जो नशे के कारोबार में शामिल हैं। लेकिन इस समस्या को पूरी तरह खत्म करने के लिए समाज के सहयोग की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक समस्याओं को भी जन्म देता है। इसलिए युवाओं को खेल, शिक्षा और अन्य सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना जरूरी है।
इस अवसर पर शिवहरे ने लोगों से यह भी आग्रह किया कि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यदि समाज का हर व्यक्ति इस दिशा में जिम्मेदारी निभाए तो नशे जैसी गंभीर समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और समाज को इस बुराई से मुक्त बनाने के लिए मिलकर प्रयास करने का संकल्प लिया। विशेषज्ञों का भी मानना है कि प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और जनसहभागिता से ही नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।