अब सुबह 7:30 से 11:30 बजे तक लगेंगी कक्षाएं, रविवार को अवकाश के बावजूद कलक्टर को जारी करना पड़ा आदेश
जिले में भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए स्कूली समय में बड़ा बदलाव किया गया है। अब सभी सरकारी और संबंधित विद्यालयों में कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक संचालित की जाएंगी। यह निर्णय छात्रों को लू और तेज धूप से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है।
विशेष बात यह रही कि यह आदेश रविवार को अवकाश के दिन भी जारी करना पड़ा, जिससे प्रशासनिक स्तर पर मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। जिला कलक्टर द्वारा जारी इस आदेश के बाद सभी स्कूलों को तत्काल प्रभाव से नए समय के अनुसार संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पत्रिका की रिपोर्ट के बाद सक्रिय हुआ प्रशासन
इस पूरे मुद्दे को लेकर मीडिया संस्थान Patrika ने लगातार स्कूल समय और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से रिपोर्टिंग की थी। बताया जा रहा है कि बढ़ती गर्मी और दोपहर के समय स्कूलों में बच्चों की परेशानी को लेकर उठाए गए सवालों के बाद प्रशासन ने इस पर गंभीरता से संज्ञान लिया।
रिपोर्ट्स और स्थानीय अभिभावकों की शिकायतों के बाद यह मुद्दा तेजी से चर्चा में आया, जिसके चलते प्रशासन को त्वरित निर्णय लेना पड़ा।
बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता
जिला प्रशासन के अनुसार, गर्मी के मौसम में दोपहर के समय तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है, जिससे छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के समय में यह परिवर्तन किया गया है।
नए समय के अनुसार अब सभी शैक्षणिक गतिविधियां सुबह के ठंडे समय में पूरी कर ली जाएंगी, ताकि बच्चों को तेज धूप में स्कूल आने-जाने की परेशानी न झेलनी पड़े।
स्कूलों को तत्काल पालन के निर्देश
जिला कलक्टर ने आदेश में स्पष्ट किया है कि सभी सरकारी और निजी विद्यालय इस नए समय का सख्ती से पालन करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
साथ ही स्कूल प्रशासन को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अभिभावकों को समय परिवर्तन की जानकारी तुरंत दें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
अभिभावकों ने जताई राहत
इस निर्णय के बाद अभिभावकों ने राहत की भावना व्यक्त की है। उनका कहना है कि दोपहर के समय बच्चों को स्कूल भेजना बेहद कठिन हो रहा था और कई बार स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी सामने आ रही थीं।
अब सुबह जल्दी कक्षाएं शुरू होने से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और दिन के शेष समय में वे आराम से घर पर रह सकेंगे।