Rajsamand में 1.92 करोड़ की लागत के ट्रैक का सिविल वर्क पूरा, अगले महीने सीसीटीवी कैमरे और सेंसर के साथ होगा शुरू
राजसमंद न्यूज़ डेस्क, यह तस्वीर गुर्जर गुड़ा राजनगर के राजसमंद में बन रहे ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक की है। इस पर टू और फोर व्हीलर के लाइसेंस बनने से पहले वाहन चालकों का ट्रायल टेस्ट लिया जाएगा। अगर आप अच्छे वाहन चालक है लेकिन सड़काें पर संकेतक और सूचनात्मक चिन्ह नहीं जानते- समझते है ताे ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बनवा सकेंगे, क्योंकि अब 8, H, ट्रिपल 8 आकार वाले ट्रैक पर ड्राइविंग टेस्ट में पास हाेना जरूरी हाेगा। क्योंकि गुर्जर गुड़ा राजनगर के पास आबकारी कार्यालय के पीछे 5 हजार वर्ग फुट जमीन पर में बन रहे ऑटोमेटेड सेंसर युक्त ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर टू और फोर व्हीलर के लाइसेंस बनने से पहले वाहन चालकों का ट्रायल टेस्ट लिया जाएगा।
जिस पर एक कराेड़ 92 लाख 73 हजार रुपए खर्च किए हैं। डीटीओ नैनसिंह साैंदा ने बताया कि अब तक सामान्य ट्रैक या सड़क पर टेस्ट परिवहन विभाग के इंस्पेक्टर लेते थे, लेकिन इस ऑटोमेटेड ट्रैक पर इंस्पेक्टर के बजाय ट्रायल टेस्ट सीसीटीवी कैमरे और सेंसर लेंगे। टेस्ट में आवेदक पास होगा या फेल इसका फैसला ट्रैक के आसपास लगे सेंसर और सीसीटीवी कैमरे ही करेंगे। इनकी रिकॉर्डिंग वहां बने कंट्रोल रूम पर पहुंचेगी। इस रिकॉर्डिंग से पता चलेगा कि आवेदक ने ट्रैक पर गाड़ी सही तरीके से चलाई या नहीं।
करीब एक करोड़ 92 लाख रुपए की लागत के ट्रैक का सिविल वर्क करीब पूरा हो चुका हैं। 1.92 लाख में ही सेंसर अौर कैमरे लगेंगे। यह काम अगले महीने तक पूरा हो जाएगा। एसआरडीसी के प्रोजेक्ट मैनेजर लालचंद वर्मा ने बताया कि नए ट्रैक पर ऑनलाइन ड्राइविंग टेस्ट डेमाे के ताैर पर शुरु कर दिया जाएगा। इसे अगले महीने से नियमित करेंगें।
ट्रैक पर कैमरे और सेंसर, ऑटोमेटिक सिस्टम हाथोहाथ बताएगा आवेदक फेल है या पास
ट्रैक कैमरे और कैंसर से लैस है जो ऑटोमेटिक सिस्टम से ड्राइविंग की जांच करेगा। सिस्टम टेस्ट की मॉनिटरिंग के बाद फेल या पास का परिणाम हाथों हाथ थमा देगा। पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग भी की जाएगी, ताकि आवेदक अपनी गलतियां को देख भी सके। हर आवेदक को करीब 37 बिंदुओं पर जांच होगी, पास होने के लिए साथ 60 से 80 प्रतिशत अंक लाने होंगे। इसमें किसी की भी दखल अंदाजी नहीं चल सकेगी। ट्रैक में कंट्रोल रूम, वेटिंग रूम, पार्किंग ट्रैक आदि भी तैयार किए हैं।
आवेदक को सभी नियमों की पालना करते हुए वाहन को सीधे फॉरवर्ड यानी 8, H, ट्रिपल 8 आकार वाले ट्रैक पर गाड़ी चलानी होगी। ट्रैक पर बनी दोनों और रोड पर मार्किंग रहेगी, आवेदक अगर 4 बार से ज्यादा इस लाइनिंग पर पहिया चढ़ा देगा तो सिस्टम उसे फेल कर देगा। सीधे और रिवर्स चलाने के लिए भी समय तय होगा। तय समय में टेस्ट पूरा नहीं करने पर भी आवेदक को फेल घोषित कर दिया जाएगा। गाड़ी को रैंप पर चलाना, पार्किंग में लगाने के लिए ट्रैक पर अलग से व्यवस्था की जा रही हैं।
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