कुनो से निकला चीता KP2 रणथंभौर पहुंचा, फुटेज में देंखे बाघों के इलाके में बढ़ी निगरानी
चीता KP2 का मूवमेंट अब रणथंभौर टाइगर रिजर्व के जोन नंबर 9 तक पहुंच गया है, जिससे वन विभाग की चिंता बढ़ गई है। यह चीता हाल ही में कुनो नेशनल पार्क से निकलकर यहां तक आया है और फिलहाल इसी क्षेत्र में उसकी गतिविधियां लगातार दर्ज की जा रही हैं।
चीते की मौजूदगी को देखते हुए रणथंभौर और कुनो नेशनल पार्क की संयुक्त टीमें लगातार उसकी ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग कर रही हैं। वन विभाग के अधिकारी चीते की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके।
दरअसल, रणथंभौर के जोन नंबर 9 में बाघिन टी 127 और बाघ टी 108 का मूवमेंट भी अक्सर रहता है। ऐसे में अगर चीता KP2 का सामना इन बाघों से हो जाता है, तो यह स्थिति उसके लिए खतरनाक साबित हो सकती है। इसी आशंका को देखते हुए वन विभाग की टीम अलर्ट मोड पर काम कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि चीते की पल-पल की निगरानी की जा रही है और उसकी लोकेशन को लगातार ट्रैक किया जा रहा है, ताकि उसे बाघों के क्षेत्र से सुरक्षित दूरी पर रखा जा सके। इसके लिए तकनीकी उपकरणों के साथ-साथ फील्ड स्टाफ भी सक्रिय रूप से जुटा हुआ है।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, आमतौर पर चीता बाघ जैसे बड़े शिकारी को देखकर पहले ही सतर्क हो जाता है और टकराव से बचने की कोशिश करता है। लेकिन यदि किसी कारणवश आमना-सामना हो जाता है, तो संघर्ष की स्थिति में चीते को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
फिलहाल, वन विभाग की प्राथमिकता चीते की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि उसे किसी प्रकार का खतरा न हो। इस पूरे घटनाक्रम ने वन्यजीव संरक्षण और विभिन्न प्रजातियों के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती को एक बार फिर सामने ला दिया है।