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राजस्थान में कर्ज को लेकर सियासी संग्राम, जूली के आरोपों पर चतुर्वेदी का पलटवार

 

राजस्थान में कर्ज और वित्तीय स्थिति को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भारतीय जनता पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य को वित्तीय संकट की ओर धकेला जा रहा है।

जूली के अनुसार, कांग्रेस सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल में करीब ₹2.26 लाख करोड़ का कर्ज लिया था, जबकि वर्तमान भाजपा सरकार मात्र तीन वर्षों में ही लगभग ₹2.22 लाख करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। उन्होंने इसे राज्य की आर्थिक सेहत के लिए चिंताजनक बताया।

इसके जवाब में अरुण चतुर्वेदी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि राजस्थान में किसी भी प्रकार का वित्तीय संकट नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस द्वारा गलत आंकड़ों और भ्रामक जानकारी के जरिए दुष्प्रचार किया जा रहा है।

चतुर्वेदी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष द्वारा कर्ज, GSDP, SASCI योजना और केंद्रीय करों को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, वे वास्तविकता से परे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन के साथ काम कर रही है और विकास कार्यों को गति देने के लिए आवश्यक संसाधनों का उपयोग कर रही है।

इस पूरे मुद्दे ने राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। जहां विपक्ष सरकार पर कर्ज बढ़ाने और वित्तीय बोझ बढ़ाने का आरोप लगा रहा है, वहीं सरकार समर्थक इसे विकास और योजनाओं के विस्तार के लिए जरूरी बता रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि कर्ज और विकास के बीच संतुलन बनाना किसी भी सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण होता है, और इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस आगे भी जारी रहने की संभावना है।

कुल मिलाकर, राजस्थान में वित्तीय स्थिति को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है, और दोनों पक्ष अपने-अपने दावों के साथ जनता के बीच अपनी बात रखने में जुटे हैं।