राजस्थान में ‘नौतपा’ का बदलता मिजाज: वीडियो में देंखे 48°C की भीषण गर्मी के बाद आंधी-बारिश, मौसम विज्ञानियों की अहम टिप्पणी
राजस्थान में हर साल मई के आखिरी दिनों में चर्चा में रहने वाला ‘नौतपा’ इस बार अपने पारंपरिक असर से अलग नजर आया। जहां एक ओर 29 मई तक प्रदेश में भीषण गर्मी ने लोगों को झुलसा दिया और कई इलाकों में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, वहीं इसके अगले ही दिन मौसम ने करवट ले ली और आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि देखने को मिली।
गर्मी से आंधी-बारिश तक तेज बदलाव
30 मई को कई जिलों में तेज धूलभरी आंधी चली और उसके बाद बारिश और ओले गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं। इस अचानक बदलाव ने मौसम के पैटर्न को लेकर एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है।
पिछले वर्षों में भी बदला ट्रेंड
मौसम के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2023 और पिछले साल भी नौतपा के दौरान स्थिति पूरी तरह पारंपरिक नहीं रही। कई बार इस अवधि में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई और भीषण गर्मी की बजाय मौसम अपेक्षाकृत ठंडा या अस्थिर रहा।
‘नौतपा’ और मानसून का संबंध नहीं
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आम धारणा के विपरीत नौतपा का मानसून की शुरुआत या बारिश की मात्रा से कोई सीधा वैज्ञानिक संबंध नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक खगोलीय और मौसमी स्थिति है, लेकिन बारिश या सूखे का इससे सीधा अनुमान नहीं लगाया जा सकता।विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि जलवायु परिवर्तन और बदलते मौसम पैटर्न के कारण पिछले कुछ वर्षों में तापमान और वर्षा दोनों के व्यवहार में अनियमितता बढ़ी है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण जरूरी
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नौतपा को लेकर लोक मान्यताएं जरूर प्रचलित हैं, लेकिन इन्हें मौसम पूर्वानुमान का आधार नहीं माना जा सकता। बारिश या गर्मी पूरी तरह वायुमंडलीय परिस्थितियों और मौसमी सिस्टम पर निर्भर करती है।