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चैत्र नवरात्रि में दिखा अनोखा आध्यात्मिक दृश्य, रूसी योग साधिका कर रहीं कठिन खड़ेश्वरी तपस्या

 

अजमेर जिले की तीर्थ नगरी पुष्कर इन दिनों चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर एक अनोखे आध्यात्मिक दृश्य की साक्षी बन रही है। यहां देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच एक विदेशी योग साधिका की कठिन तपस्या आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

मूल रूप से रूस की रहने वाली योग साधिका योगी अन्नपूर्णा नाथ पुष्कर में खड़ेश्वरी तपस्या कर रही हैं। उनकी यह साधना पुष्कर झील के जयपुर घाट पर चल रही है, जहां वे निरंतर कठोर नियमों और साधना पद्धति का पालन करते हुए ध्यानमग्न हैं।

चैत्र नवरात्रि के दौरान उनका यह तपस्थल श्रद्धालुओं के लिए आस्था और जिज्ञासा का केंद्र बन गया है। बड़ी संख्या में लोग उन्हें देखने और उनकी साधना के दर्शन के लिए जयपुर घाट पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आए पर्यटक भी इस आध्यात्मिक दृश्य को कैमरे में कैद कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, योगी अन्नपूर्णा नाथ लंबे समय से भारत में रहकर योग और साधना कर रही हैं और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से गहरा जुड़ाव रखती हैं। पुष्कर में उनकी यह साधना नवरात्रि के धार्मिक माहौल को और अधिक विशेष बना रही है।

श्रद्धालुओं का कहना है कि इस प्रकार की तपस्या भारतीय संस्कृति की गहराई और आध्यात्मिक आकर्षण को दर्शाती है, जो लोगों को आस्था और ध्यान की ओर प्रेरित करती है।

पुष्कर प्रशासन भी इस दौरान घाट क्षेत्र में भीड़ को देखते हुए व्यवस्था बनाए रखने में जुटा हुआ है ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

फिलहाल, चैत्र नवरात्रि के बीच यह दृश्य पुष्कर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और भी विशेष बना रहा है, जहां आस्था और साधना का यह संगम लोगों को आकर्षित कर रहा है।