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4 नंबर वाले अभ्यर्थी को बना दिया लैब असिस्टेंट, OMR शीट में हेरफेर का बड़ा खुलासा; फुटेज में देंखे SOG ने आरोपी को किया गिरफ्तार

 

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की प्रयोगशाला सहायक (लैब असिस्टेंट) सीधी भर्ती परीक्षा-2018 में OMR शीट से छेड़छाड़ कर अभ्यर्थियों का चयन कराने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने बड़ी कार्रवाई की है। एसओजी ने रविवार रात दौसा जिले के बांदीकुई निवासी पंकज कुमार सैनी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि अभ्यर्थी के वास्तविक 4 अंक थे, लेकिन OMR शीट में हेरफेर कर उसे 191 अंक दिखाकर चयनित करा दिया गया।

OMR स्कैनिंग में किया गया बड़ा फर्जीवाड़ा

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एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि आरोपी पंकज कुमार सैनी, पुत्र रामअवतार सैनी, निवासी बांदीकुई (दौसा) को मामले में गिरफ्तार किया गया है।प्रयोगशाला सहायक भर्ती परीक्षा-2018 में फर्जीवाड़े की शिकायत मिलने पर एसओजी ने वर्ष 2025 में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान OMR शीट की स्कैनिंग प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ।

4 अंक को बना दिया 191 अंक

एसओजी की जांच में पता चला कि परीक्षा की OMR शीट स्कैन करने वाली एजेंसी राभव लिमिटेड के कर्मचारियों ने अभ्यर्थियों के साथ मिलीभगत कर OMR शीट में कांट-छांट और तकनीकी हेरफेर की।आरोप है कि पंकज कुमार सैनी की OMR शीट स्कैनिंग के दौरान उसके वास्तविक 4 अंकों को बदलकर 191 अंक दर्शा दिए गए, जिसके आधार पर उसका अंतिम चयन हो गया।

दोबारा स्कैनिंग में खुला पूरा खेल

बाद में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने OMR शीट की दोबारा स्कैनिंग करवाई, जिसमें पंकज कुमार के वास्तविक अंक सिर्फ 4 पाए गए। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ और एसओजी ने जांच तेज कर दी।

27 अभ्यर्थियों को अवैध तरीके से कराया चयनित

जांच में सामने आया कि OMR शीट स्कैनिंग एजेंसी राभव लिमिटेड के कर्मचारी विनोद कुमार गौड़ और शादान खान ने कुल 27 अभ्यर्थियों की OMR शीट में हेरफेर कर उन्हें गलत तरीके से अंतिम चयन सूची में शामिल कराया।एसओजी के अनुसार, एजेंसी के निदेशक और कर्मचारियों ने कुछ अभ्यर्थियों के साथ मिलीभगत कर यह पूरा फर्जीवाड़ा अंजाम दिया।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

एसओजी का कहना है कि मामले में शामिल अन्य अभ्यर्थियों, एजेंसी के कर्मचारियों और संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अब तक मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।अधिकारियों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में हुई इस बड़ी धांधली से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।