×

राजस्थान में जमीन-मकान खरीदना हुआ महंगा, वीडियो में जाने सरकार ने बढ़ाए DLC रेट; कई इलाकों में 49% तक इजाफा

 

राजस्थान में अब जमीन और मकान खरीदना पहले की तुलना में महंगा हो गया है। राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी (DLC) रेट में बढ़ोतरी लागू कर दी है। नई दरें 3 अगस्त से प्रभावी हो गई हैं। डीएलसी रेट बढ़ने के बाद संपत्तियों की रजिस्ट्री पर अधिक स्टांप शुल्क देना होगा, जिससे जमीन और मकानों की खरीद की लागत बढ़ जाएगी। इसके साथ ही ओपन मार्केट में भी संपत्तियों की कीमतों पर असर पड़ने की संभावना है। सरकार ने प्रदेशभर में अलग-अलग क्षेत्रों की स्थिति को देखते हुए 5 प्रतिशत से लेकर 49 प्रतिशत तक डीएलसी रेट में वृद्धि की है। अधिकांश जिलों और शहरी क्षेत्रों में दरों में 5 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है, जबकि जिन इलाकों में सरकारी डीएलसी दरें बाजार मूल्य से काफी कम थीं, वहां 30 से 49 प्रतिशत तक का इजाफा किया गया है।

मई में मांगे गए थे प्रस्ताव

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/-QIAO-Ph6Sk?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/-QIAO-Ph6Sk/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने मई महीने में सभी जिलों से नई डीएलसी दरों के प्रस्ताव मांगे थे। इसके बाद जून के अंतिम सप्ताह तक वित्त विभाग ने विभिन्न प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया। समीक्षा के बाद संशोधित दरों को मंजूरी दी गई और अब इन्हें पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया है।गौरतलब है कि इससे पहले 1 अप्रैल 2026 को भी सरकार ने डीएलसी रेट में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। यानी चार महीने के भीतर दूसरी बार संपत्ति की सरकारी दरों में संशोधन किया गया है।

रजिस्ट्री और स्टांप शुल्क होगा महंगा

डीएलसी रेट किसी भी संपत्ति के न्यूनतम सरकारी मूल्य का आधार होता है। इसी आधार पर रजिस्ट्री शुल्क और स्टांप ड्यूटी की गणना की जाती है। ऐसे में नई दरें लागू होने के बाद जमीन, मकान, फ्लैट और व्यावसायिक संपत्तियों की रजिस्ट्री कराने वालों को पहले की तुलना में अधिक खर्च करना पड़ेगा।रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि जिन क्षेत्रों में डीएलसी रेट और बाजार मूल्य के बीच बड़ा अंतर था, वहां सरकार के इस कदम से सरकारी दरें वास्तविक बाजार कीमतों के करीब पहुंचेंगी।

जयपुर में सबसे महंगी जमीन कहां?

राजधानी जयपुर में सबसे अधिक डीएलसी दर चारदीवारी क्षेत्र के बापू बाजार में दर्ज की गई है। यहां 40 से 60 फीट चौड़ी सड़क पर स्थित व्यावसायिक जमीन की नई डीएलसी दर 5,71,780 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई है।वहीं, रामबाग चौराहे से अजमेरी गेट तक दोनों ओर स्थित 100 फीट चौड़ी व्यावसायिक सड़क पर जमीन की डीएलसी दर अब 3 लाख रुपये प्रति वर्गमीटर कर दी गई है।

रियल एस्टेट बाजार पर पड़ेगा असर

विशेषज्ञों का कहना है कि नई डीएलसी दरों का असर रियल एस्टेट बाजार पर भी दिखाई देगा। संपत्ति खरीदने वालों को अब अधिक स्टांप शुल्क देना होगा, जबकि डेवलपर्स और निवेशकों की लागत भी बढ़ सकती है। हालांकि, सरकार का मानना है कि इससे संपत्तियों के सरकारी मूल्य और वास्तविक बाजार मूल्य के बीच का अंतर कम होगा तथा राजस्व संग्रह में भी बढ़ोतरी होगी।