जयपुर में बूढ़ी तीज की शाही सवारी, वीडियो में जाने 400 किलो की चांदी की पालकी में निकली तीज माता
जयपुर में रविवार को बूढ़ी तीज का पर्व राजसी परंपराओं और भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर तीज माता की शाही सवारी धूमधाम से निकाली गई। तीज माता को करीब 400 किलो वजनी चांदी की पालकी में विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया। सवारी के दौरान पारंपरिक वेशभूषा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और राजसी परंपराओं ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
तीज माता की सवारी देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं और दर्शकों की भीड़ नजर आई। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के भी इंतजाम किए गए थे। सवारी के साथ पारंपरिक कार्यक्रमों और विभिन्न समूहों की प्रस्तुतियों ने आयोजन को खास बना दिया।
लड़कियों ने दिखाई तलवारबाजी की कला
बूढ़ी तीज की शाही सवारी के दौरान लड़कियों के एक समूह ने तलवारबाजी की कला का प्रदर्शन किया। शौर्य सेवा संस्था संगठन की खुशी नरुका ने बताया कि उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के निमंत्रण पर लड़कियों का ग्रुप तीज समारोह में शामिल हुआ था।उन्होंने कहा कि लड़कियों ने तलवारबाजी के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि बेटियां और महिलाएं किसी भी क्षेत्र में कमजोर नहीं हैं। पारंपरिक शस्त्र कला के प्रदर्शन के दौरान लड़कियों ने आत्मविश्वास और साहस का परिचय दिया।खुशी नरुका के मुताबिक, इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं और लड़कियों को अपनी क्षमता दिखाने का मंच मिलता है। तीज जैसे पारंपरिक आयोजनों में आधुनिक सोच और महिला सशक्तिकरण का संदेश भी दिया जा सकता है।
सवारी देखने 2 करोड़ के गहनों में पहुंचा युवक
बूढ़ी तीज की सवारी के दौरान एक युवक भी आकर्षण का केंद्र रहा। वह करीब 2 करोड़ रुपये के गहने पहनकर सवारी देखने पहुंचा था। भारी-भरकम आभूषणों से सजे इस युवक को देखने के लिए भी लोगों की नजरें उस पर टिक गईं।वहीं, बीकानेर से आए रमेश व्यास भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बने। उन्होंने बताया कि उनकी दाढ़ी करीब साढ़े तीन फीट लंबी है। उन्होंने कहा कि इतनी लंबी दाढ़ी रखना आसान नहीं है और इसके रखरखाव में काफी खर्च होता है। रमेश व्यास ने बताया कि उन्हें प्रदेश में लंबी दाढ़ी के लिए दूसरा पुरस्कार भी मिल चुका है।उन्होंने बताया कि उनका ग्रुप भी जयपुर में तीज समारोह में शामिल होने के लिए आया था। पारंपरिक रूप और अनोखी पहचान के चलते वह भी आयोजन में लोगों के आकर्षण का केंद्र बने।
राजसी परंपराओं की दिखी झलक
जयपुर में तीज का पर्व लंबे समय से राजसी परंपराओं और लोक संस्कृति से जुड़ा रहा है। बूढ़ी तीज की शाही सवारी इसी परंपरा की झलक पेश करती है। चांदी की विशाल पालकी में तीज माता की सवारी, पारंपरिक प्रस्तुतियां और बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने पूरे आयोजन को भव्य बना दिया।
इस दौरान जयपुर की संस्कृति, परंपरा और महिला सशक्तिकरण के संदेश का अनोखा संगम देखने को मिला। एक ओर तीज माता की शाही सवारी ने लोगों को राजसी विरासत से जोड़ा, वहीं तलवारबाजी करती बेटियों ने बदलते दौर में महिलाओं की शक्ति और आत्मविश्वास का संदेश दिया।