बारात आने के बाद दुल्हन ने शादी से किया इनकार, दूल्हे पर नशे में होने का आरोप
जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत मिरजवा पंचायत में बुधवार की रात एक हैरान करने वाला मामला सामने आया, जब एक युवती ने बारात आने के बाद शादी करने से साफ इनकार कर दिया। युवती का आरोप है कि दूल्हा नशे की हालत में था, जिसके कारण उसने विवाह करने से मना कर दिया। यह घटना 21 जनवरी की रात की बताई जा रही है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कटिहार जिले के फलका बाजार वार्ड नंबर 13 निवासी विलाश ठाकुर के पुत्र राजेश कुमार ठाकुर की शादी लगुनिया वार्ड नंबर 15 निवासी स्वर्गीय विजेंद्र ठाकुर की पुत्री नेहा कुमारी से तय थी। बुधवार की रात पूरे धूमधाम, बाजा-गाजा और रीति-रिवाजों के साथ बारात दुल्हन के घर पहुंची। शादी की सभी तैयारियां पूरी थीं और ग्रामीणों की भी अच्छी खासी भीड़ जुटी हुई थी।
बताया जा रहा है कि जब बारात पहुंची और द्वार पूजा की तैयारी हो रही थी, उसी दौरान दुल्हन ने दूल्हे की हालत देखकर शादी से इनकार कर दिया। दुल्हन का आरोप है कि दूल्हा नशे में धुत था और ठीक से चल-फिर या बातचीत करने की स्थिति में नहीं था। युवती ने परिजनों को साफ शब्दों में कहा कि वह ऐसे व्यक्ति से शादी नहीं करेगी।
दुल्हन के इस फैसले के बाद दोनों पक्षों में तनाव और बहस की स्थिति पैदा हो गई। कुछ समय के लिए माहौल काफी गरम हो गया और शादी स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। दुल्हन पक्ष ने आरोप लगाया कि शादी से पहले दूल्हे की इस स्थिति की जानकारी उन्हें नहीं दी गई थी, जो उनके साथ धोखा है।
वहीं, दूल्हा पक्ष ने नशे के आरोपों को गलत बताते हुए इसे महज थकान या तबीयत खराब होने की बात कही। हालांकि, मौके पर मौजूद कई लोगों का कहना है कि दूल्हे की हालत सामान्य नहीं थी, जिससे विवाद और गहरा गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने त्रिवेणीगंज थाना को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। पुलिस ने दुल्हन और दूल्हा पक्ष के बयान दर्ज किए हैं और मामले की जांच की जा रही है।
थाना प्रभारी ने बताया कि यह मामला फिलहाल आपसी विवाद का है और दोनों पक्षों को आपसी सहमति से समाधान निकालने की सलाह दी गई है। अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
इस घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग युवती के फैसले को सही ठहरा रहे हैं और इसे आत्मसम्मान और अधिकार से जुड़ा कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे सामाजिक परंपराओं के खिलाफ मान रहे हैं।
इस तरह, त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र में बारात लौटने की यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है, बल्कि शादी जैसे सामाजिक बंधन में पारदर्शिता और जिम्मेदारी जैसे मुद्दों को भी सामने लाती है।