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जयपुर कलेक्ट्रेट में रिश्वत का खेल: SDM ईस्ट के PA मुकेश कुमार पर ACB की FIR, ट्रैवल फर्म के बिल पास कराने के लिए मांगा था 2.04 लाख कमीशन

 

जयपुर कलेक्ट्रेट में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने SDM (ईस्ट) नरेंद्र कुमार के निजी सहायक (PA) मुकेश कुमार के खिलाफ रिश्वत मांगने के आरोप में FIR दर्ज कर ली है। ACB ने गुरुवार शाम मुकेश कुमार को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया है कि आरोपी PA ने ट्रैवल फर्म के लंबित बिलों को पास करवाने के बदले 8 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी।

एसीबी अधिकारियों के अनुसार, आरोपी मुकेश कुमार ने शिकायतकर्ता से कुल 2.04 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। यह रकम ट्रैवल फर्म के बकाया बिलों को मंजूरी दिलाने के एवज में मांगी गई थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले की जांच की और रिश्वत की मांग की पुष्टि होने के बाद ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।

1 लाख रुपए लेते पकड़ा गया PA

ACB की टीम ने गुरुवार शाम जयपुर कलेक्ट्रेट परिसर में कार्रवाई करते हुए मुकेश कुमार को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की राशि बरामद की। इसके बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।एसीबी अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस रिश्वत प्रकरण में कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल है या नहीं।

8 प्रतिशत कमीशन की हुई थी मांग

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ट्रैवल फर्म के कई बिल लंबे समय से लंबित थे। इन्हें पास करवाने के लिए आरोपी PA ने कथित तौर पर बिल राशि का 8 प्रतिशत कमीशन मांगा था। शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी एसीबी को दी, जिसके बाद पूरी योजना बनाकर ट्रैप कार्रवाई की गई।

कलेक्ट्रेट में मचा हड़कंप

जयपुर कलेक्ट्रेट जैसे प्रमुख सरकारी कार्यालय में रिश्वत लेते कर्मचारी की गिरफ्तारी के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और रिश्वत मांगने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।फिलहाल ACB मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है। जांच के दौरान आरोपी की संपत्ति, बैंक खातों और अन्य लेन-देन की भी पड़ताल की जा सकती है। वहीं, प्रशासन की ओर से भी पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है।