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राजस्थान में धुलंडी के साथ दिखेगा ‘ब्लड मून’, जानिए 2026 के पहले चंद्रग्रहण का समय

 

राजस्थान में इस बार धुलंडी का उत्साह खास होने वाला है। जहां एक ओर रिंगस और जयपुर के प्रसिद्ध मंदिरों में रंगों की होली खेली जाएगी, वहीं शाम होते-होते आसमान में एक अनोखा नजारा देखने को मिलेगा। साल 2026 का पहला चंद्रग्रहण अपने अंतिम चरण में रहेगा और इसी दौरान लोगों को ‘ब्लड मून’ यानी लाल चांद दिखाई देगा।

रींगस और जयपुर स्थित प्रसिद्ध गोविंद देव मंदिर सहित कुछ स्थानों पर परंपरागत तरीके से धुलंडी खेली जाएगी। मंदिरों और कस्बों में रंग-गुलाल की धूम रहेगी। इसी बीच खगोलीय घटना के रूप में चंद्रग्रहण का अंतिम चरण लोगों को आकर्षित करेगा।

क्या है ‘ब्लड मून’?

जब पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, तब सूर्य की किरणें सीधे चंद्रमा तक नहीं पहुंच पातीं। पृथ्वी के वायुमंडल से छनकर आने वाली लाल रोशनी चंद्रमा पर पड़ती है, जिससे वह तांबे या रक्तिम रंग का दिखाई देता है। इसी कारण इसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।

राजस्थान में दिखने का संभावित समय

साल 2026 के पहले चंद्रग्रहण का असर शाम के समय दिखाई देगा। लगभग शाम 6 बजे के आसपास ग्रहण अपने अंतिम चरण में रहेगा। इसी दौरान चंद्रमा लालिमा लिए हुए नजर आ सकता है। हालांकि अलग-अलग शहरों में चंद मिनटों का अंतर संभव है।

  • जयपुर – लगभग शाम 5:55 से 6:20 बजे के बीच अंतिम चरण

  • सीकर/रींगस – करीब 6 बजे के आसपास दृश्यता

  • उदयपुर, जोधपुर, कोटा – सूर्यास्त के समय के आसपास अंतिम प्रभाव

(नोट: सटीक समय खगोलीय गणनाओं और स्थानीय सूर्यास्त के समय पर निर्भर करेगा।)

धार्मिक दृष्टि से महत्व

चंद्रग्रहण का धार्मिक महत्व भी माना जाता है। कई स्थानों पर ग्रहण के दौरान मंदिरों के पट बंद रखे जाते हैं और ग्रहण समाप्ति के बाद शुद्धिकरण किया जाता है। हालांकि धुलंडी के दिन ग्रहण का समय शाम को होने के कारण रंगोत्सव पर इसका खास प्रभाव नहीं पड़ेगा।

इस बार धुलंडी के उल्लास के साथ आसमान में ‘ब्लड मून’ का दुर्लभ दृश्य लोगों के लिए खास अनुभव रहेगा। रंगों के त्योहार के साथ खगोलीय घटना का यह संगम निश्चित ही यादगार बनने वाला है।