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भाजपा ने मोरपाल सुमन को जारी किया कारण बताओ नोटिस, वायरल चिट्ठी के आरोपों पर मांगा जवाब

 

राजस्थान की अंता विधानसभा सीट से हुए उपचुनाव को लेकर हाल ही में सामने आई वायरल चिट्ठी ने भाजपा में सियासी हलचल पैदा कर दी है। पार्टी ने अब इस मामले में हरकत में आकर कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने सोमवार को भाजपा प्रत्याशी रहे मोरपाल सुमन को “कारण बताओ नोटिस” जारी किया। नोटिस में मोरपाल सुमन से वायरल चिट्ठी में लगाए गए आरोपों पर तीन दिनों के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है।

नोटिस में विशेष रूप से कहा गया है कि मोरपाल सुमन के कृत्य को अनुशासनहीनता के दायरे में रखा गया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि वायरल चिट्ठी में मोरपाल सुमन पर लगाए गए आरोप भाजपा के आचार-व्यवहार और संगठनात्मक अनुशासन के खिलाफ हैं। इसी कारण पार्टी ने सख्त रुख अपनाते हुए नोटिस जारी किया है।

भाजपा में उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, यह नोटिस पार्टी की संगठनात्मक जिम्मेदारी और अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी था। उन्होंने कहा कि पार्टी में किसी भी सदस्य या पूर्व प्रत्याशी के अनुशासनहीन व्यवहार को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा, चाहे वह चुनाव बाद का मामला क्यों न हो।

वायरल चिट्ठी में मोरपाल सुमन पर उपचुनाव के दौरान भीतरघात और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप लगाए गए थे। यह चिट्ठी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई। अब पार्टी नोटिस के माध्यम से मोरपाल सुमन से साफ-साफ जवाब मांग रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भाजपा का यह कदम संगठन में अनुशासन बनाए रखने और किसी भी तरह के विवाद को नियंत्रित करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों में इस तरह की नोटिस और जवाब तंत्र आम हैं, जिससे पार्टी के भीतर सदस्यों के आचरण पर नियंत्रण रखा जाता है।

राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि यह नोटिस सिर्फ सदस्य की जवाबदेही तय करने का मामला नहीं, बल्कि आने वाले समय में अंता विधानसभा सीट के उपचुनाव और स्थानीय राजनीतिक माहौल पर भी असर डाल सकता है। वायरल चिट्ठी और नोटिस की खबरें मीडिया और सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही हैं, जिससे जनता और पार्टी कार्यकर्ता दोनों सक्रिय रूप से इस पर नजर रख रहे हैं।