चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती परीक्षा परिणाम पर बड़ा अपडेट: एक प्रश्न के संशोधित उत्तर से मचेगी हलचल, दूसरी पारी का रिजल्ट होगा रिवाइज
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित प्रदेश की सबसे बड़ी ‘चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती परीक्षा’ को लेकर लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है। बोर्ड ने परीक्षा के एक प्रश्न के उत्तर को दोबारा संशोधित करने का फैसला लिया है, जिसके बाद अब दूसरी पारी के परीक्षा परिणाम को रिवाइज किया जाएगा। इस निर्णय से करीब 24 लाख से अधिक अभ्यर्थियों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
दरअसल, हाल ही में आयोजित इस भर्ती परीक्षा में प्रदेशभर से रिकॉर्ड संख्या में उम्मीदवारों ने भाग लिया था। यह परीक्षा सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। ऐसे में परिणाम से जुड़ी किसी भी छोटी-बड़ी सूचना का सीधा असर लाखों परिवारों पर पड़ रहा है। अब बोर्ड के इस ‘यू-टर्न’ ने अभ्यर्थियों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
जानकारी के अनुसार, परीक्षा के दौरान पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से लगातार आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। कई उम्मीदवारों और विशेषज्ञों ने दावा किया कि बोर्ड द्वारा जारी की गई मॉडल आंसर-की में संबंधित प्रश्न का उत्तर गलत है। इसके बाद बोर्ड ने आपत्तियों की समीक्षा के लिए विषय विशेषज्ञों की समिति गठित की। समिति की जांच के बाद यह माना गया कि पहले दिया गया उत्तर त्रुटिपूर्ण था, जिसे अब संशोधित किया गया है।
बोर्ड के इस फैसले के बाद दूसरी पारी में शामिल अभ्यर्थियों के अंकों की दोबारा गणना की जाएगी। ऐसे में परीक्षा परिणाम को रिवाइज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। माना जा रहा है कि नए मूल्यांकन के बाद मेरिट सूची में बड़ा फेरबदल हो सकता है। कुछ अभ्यर्थियों के अंक बढ़ सकते हैं, जबकि कई उम्मीदवारों की रैंक नीचे भी खिसक सकती है।
इस खबर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर अभ्यर्थियों के बीच चर्चा तेज हो गई है। कई उम्मीदवारों ने बोर्ड के फैसले का स्वागत करते हुए इसे पारदर्शिता की दिशा में सकारात्मक कदम बताया है, तो वहीं कुछ अभ्यर्थी परिणाम में देरी को लेकर नाराजगी भी जता रहे हैं। उनका कहना है कि बार-बार बदलाव से मानसिक दबाव बढ़ता है और भविष्य की योजनाएं प्रभावित होती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े स्तर की भर्ती परीक्षा में किसी भी त्रुटि को समय रहते सुधारना जरूरी है, ताकि चयन प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे। हालांकि, इससे अस्थायी रूप से परिणाम में देरी होना स्वाभाविक है।
फिलहाल, सभी अभ्यर्थियों की निगाहें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं। रिवाइज्ड रिजल्ट जारी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि किसकी किस्मत बदलेगी। ऐसे में लाखों युवा बेसब्री से नए परिणाम का इंतजार कर रहे हैं, जो उनके भविष्य की दिशा तय करेगा।