जयपुर में ई-बस योजना की 6 साल पुरानी घोषणा पर बड़ा खुलासा, सीएजी रिपोर्ट में सामने आई देरी
राजधानी जयपुर में इलेक्ट्रिक बस (ई-बस) सेवा शुरू करने का फैसला आज से करीब छह साल पहले ही लिया गया था। लेकिन अब तक यह योजना शहरवासियों के लिए पूरी तरह लागू नहीं हो पाई। हाल ही में इस मामले में सीएजी (कैग) की रिपोर्ट सामने आई, जिसने योजना में देरी और अनियमितताओं को उजागर किया है।
ई-बस योजना का ऐतिहासिक निर्णय
जयपुर में ई-बस चलाने की घोषणा लगभग छह साल पहले हुई थी। सरकार का उद्देश्य था कि शहर में स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा दिया जाए। इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से शहर में सार्वजनिक परिवहन का नेटवर्क विकसित किया जाना था।
सीएजी रिपोर्ट में क्या सामने आया
हाल ही में पेश की गई सीएजी रिपोर्ट में कई खामियों और देरी के कारणों का खुलासा हुआ। रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
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लंबित अनुबंध और मंजूरी: ई-बस खरीदने और चलाने के लिए आवश्यक अनुबंधों और प्रशासनिक मंजूरी में सालों तक देरी हुई।
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बजट और वित्तीय मुद्दे: योजना के लिए आवंटित बजट का सही समय पर उपयोग नहीं हो पाया, जिससे कार्य प्रगति में बाधा आई।
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इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी: बसों के चार्जिंग स्टेशन और डिपो निर्माण में विलंब हुआ, जिससे संचालन शुरू नहीं किया जा सका।
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योजना प्रबंधन में कमज़ोरी: विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी के कारण योजना में सुचारू प्रगति नहीं हो सकी।
सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि यदि इन मुद्दों को समय रहते ठीक किया गया होता, तो ई-बस सेवा कई साल पहले ही शहरवासियों के लिए शुरू हो सकती थी।
देरी के प्रभाव
जयपुर में अब भी सार्वजनिक परिवहन की समस्याएं बनी हुई हैं। ई-बस योजना में देरी के कारण:
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शहर में प्रदूषण कम करने का लक्षित प्रयास प्रभावित हुआ।
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नागरिकों को सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन सुविधा मिलने में बाधा आई।
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सरकार और प्रशासन की योजनाओं पर भरोसा प्रभावित हुआ।
भविष्य की राह
सीएजी की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने कहा है कि अब योजना को पूरी गति से लागू किया जाएगा। इसमें बसों की खरीद, चार्जिंग स्टेशन की स्थापना और संचालन का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ई-बस सेवा शुरू होने से शहर में स्वच्छ परिवहन, ट्रैफिक कम करने और नागरिक सुविधा में सुधार होगा।
नागरिकों के लिए संदेश
ई-बस योजना के बारे में आम लोगों को यह जानकारी मिलना जरूरी है कि इस सेवा की शुरुआत में लंबी देरी प्रशासनिक और वित्तीय कारणों से हुई। अब उम्मीद की जा रही है कि योजना जल्द लागू होकर जयपुरवासियों को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन सुविधा मिलेगी।