मिलावटखोरी पर बड़ा खुलासा: मिर्च पाउडर में ‘चापड़’ और कृत्रिम रंग मिलाकर हो रहा था उत्पादन, 5480 किलो माल सीज
मिलावटखोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई में टीम ने छापेमारी के दौरान खाद्य पदार्थों में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया है। जांच के दौरान पाया गया कि मिर्च पाउडर में ‘चापड़’ नामक संदिग्ध पदार्थ और कृत्रिम रंग मिलाकर बड़े पैमाने पर मसालों का उत्पादन किया जा रहा था, जिसे बाजार में सप्लाई करने की तैयारी थी।
छापे के दौरान मौके से भारी मात्रा में तैयार और अध-तैयार माल बरामद किया गया। अधिकारियों के अनुसार कुल 5480 किलो मिर्च पाउडर और 1400 किलो चापड़ को मौके पर ही सीज कर लिया गया। इसके अलावा फैक्ट्री परिसर में चापड़ से भरी बोरियों से लदी एक गाड़ी भी बरामद की गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि यह मिलावट का काम संगठित तरीके से किया जा रहा था।
जांच टीम के अनुसार, यह मिलावटी मसाला तैयार कर उसे सामान्य मिर्च पाउडर के रूप में बाजार में खपाने की योजना थी। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि कृत्रिम रंग मिलाकर उत्पाद को अधिक लाल और आकर्षक दिखाने की कोशिश की जा रही थी, ताकि उपभोक्ताओं को आसानी से गुमराह किया जा सके।
छापेमारी के दौरान फैक्ट्री परिसर में कई संदिग्ध सामग्री और उपकरण भी मिले हैं, जिनका उपयोग मिलावट के इस अवैध काम में किया जा रहा था। अधिकारियों ने सभी सामग्री को जब्त कर जांच के लिए भेज दिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन उत्पादों को किन-किन क्षेत्रों में सप्लाई किया जा रहा था।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बताया कि यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई थी। मौके पर पहुंचने के बाद टीम ने जब फैक्ट्री के अंदर निरीक्षण किया तो बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद तुरंत पूरे परिसर को सील कर दिया गया और संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी गई।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में मिलावटखोरों के खिलाफ सख्ती का संदेश गया है। अधिकारियों ने कहा है कि खाद्य सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों में भी इस खुलासे के बाद चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि इस तरह की मिलावट स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है, क्योंकि रोजमर्रा के उपयोग में आने वाले मसालों में इस तरह की मिलावट सीधे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर असर डालती है।
फिलहाल, पूरी सप्लाई चेन की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां और खुलासे संभव हैं।
यह मामला एक बार फिर खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है और यह दर्शाता है कि बाजार में बिकने वाले मसालों की गुणवत्ता को लेकर सतर्कता बरतना कितना जरूरी है।