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राजस्थान में सील भवनों को बड़ी राहत: फायर एनओसी विवाद पर सरकार का नया आदेश, वीडियो में जाने 3 दिन में डी-सीलिंग संभव

 

राजस्थान सरकार ने फायर सेफ्टी उपकरण और फायर एनओसी के अभाव में सील किए गए भवनों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने आदेश जारी करते हुए ऐसे सभी भवनों को तीन दिन के भीतर डी-सील करने की अनुमति दी है, जिन्हें पहले नगर निकायों ने नियमों के उल्लंघन के चलते सील किया था।

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स्वायत्त शासन निदेशालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिन भवनों में फायर सेफ्टी उपकरण नहीं पाए गए थे या जिनके पास फायर एनओसी नहीं थी, उन्हें अब अस्थायी रूप से खोलने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, इसके लिए भवन मालिकों को निर्धारित शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।

फायर सेफ्टी लगाने के बाद होगी जांच

सरकार के आदेश के मुताबिक, भवन मालिकों को अपने परिसर में आवश्यक फायर सेफ्टी उपकरण स्थापित करने होंगे। इसके बाद संबंधित नगर निकाय की फायर सेफ्टी विंग द्वारा उसका निरीक्षण किया जाएगा। जांच में मानकों पर खरा उतरने के बाद ही भवन को स्थायी रूप से संचालन की अनुमति दी जाएगी।

30 दिन में अनुपालन अनिवार्य

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि भवन मालिक 30 दिनों के भीतर फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं करते हैं, तो संबंधित नगर निकाय को दोबारा कार्रवाई करते हुए ऐसे भवनों को फिर से सील करने का अधिकार होगा।

पिछले अभियान के बाद लिया गया फैसला

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से प्रदेश के कई बड़े शहरों में रेस्टोरेंट, होटल और अन्य व्यावसायिक भवनों पर फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की जा रही थी। कई जगहों पर बिना फायर एनओसी और सुरक्षा उपकरणों के संचालन पाए जाने पर भवनों को सील किया गया था।इन कार्रवाईयों के बाद व्यापारिक संगठनों और भवन मालिकों की ओर से राहत की मांग की जा रही थी, जिसके बाद सरकार ने यह नया आदेश जारी किया है।

सुरक्षा और व्यवस्था पर जोर

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय एक तरफ जहां व्यापारिक गतिविधियों को राहत देगा, वहीं दूसरी तरफ फायर सेफ्टी मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर देगा।फिलहाल इस आदेश के बाद सील किए गए भवनों को अस्थायी राहत मिल गई है, लेकिन फायर सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती आगे भी जारी रहने की संभावना है।