राजस्थान के किसानों को बड़ी राहत, फसली ऋण अदायगी की समय सीमा 15 मई 2026 तक बढ़ी
राजस्थान सरकार ने प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत देते हुए फसली ऋण अदायगी की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब किसान 15 मई 2026 तक अपना फसली ऋण जमा कर सकेंगे। सरकार के इस निर्णय से हजारों किसानों को आर्थिक दबाव से कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकारी घोषणा के अनुसार, यदि किसान निर्धारित नई समय सीमा के भीतर अपना फसली ऋण जमा करते हैं, तो उन्हें ब्याज में विशेष छूट का लाभ भी मिलेगा। इस योजना के तहत किसानों को 7 प्रतिशत तक ब्याज माफी दी जाएगी, जिससे उनकी कुल ऋण देनदारी में महत्वपूर्ण कमी आएगी।
राज्य सरकार का कहना है कि यह निर्णय किसानों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि वे बिना अतिरिक्त दबाव के अपनी कृषि गतिविधियों को सुचारू रूप से जारी रख सकें। फसली ऋण कृषि कार्यों के लिए किसानों की रीढ़ माना जाता है, और समय पर सहायता मिलने से उनकी उत्पादकता भी प्रभावित नहीं होती।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की राहत योजनाएं किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती हैं, खासकर ऐसे समय में जब मौसम की अनिश्चितता और लागत में वृद्धि के कारण कृषि क्षेत्र पर दबाव बढ़ता जा रहा है। ब्याज माफी जैसी सुविधाएं किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में सहायक होती हैं।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना ऋण समय पर जमा करना होगा। संबंधित सहकारी बैंकों और ग्रामीण ऋण संस्थानों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों को योजना की जानकारी उपलब्ध कराएं और प्रक्रिया को सरल बनाएं।
किसान संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह निर्णय छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष रूप से राहत देने वाला साबित होगा, जो अक्सर समय पर ऋण चुकाने में कठिनाई का सामना करते हैं।
कुल मिलाकर, फसली ऋण की समय सीमा बढ़ाने और ब्याज माफी योजना लागू करने से राज्य के किसानों को आर्थिक संबल मिलेगा। सरकार का यह कदम कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।