राजस्थान कर्मचारियों को बड़ी राहत: प्रमोशन के लिए अनुभव में 2 साल की छूट, वीडियो में जाने ग्रेच्युटी सीमा भी 25 लाख रुपए हुई
राजस्थान सरकार ने कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश का प्रत्येक कर्मचारी गुड गवर्नेंस की धुरी और विकसित राजस्थान-2047 के लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला सारथी है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इसी दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं।
जयपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने प्रमोशन प्रक्रिया को सरल बनाया है। इसके तहत पदोन्नति के लिए निर्धारित अनुभव अवधि में लगातार तीन साल तक 2 वर्ष की छूट देने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस व्यवस्था का लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा, जिन्होंने पिछले तीन वर्षों में अनुभव में दी गई इस छूट का लाभ नहीं लिया है। इसके लिए विभिन्न सेवा नियमों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के हजारों कर्मचारियों को समय पर प्रमोशन का अवसर मिल सकेगा।
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि कर्मचारी सरकार की योजनाओं और नीतियों को धरातल पर लागू करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाने की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तर्ज पर राजस्थान में भी ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा को 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दिया गया है। इससे लंबे समय तक सरकारी सेवा देने वाले कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
मुख्यमंत्री के इन फैसलों को लेकर राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी और सचिवालय कर्मचारी संघ ने रविवार को उनका अभिनंदन किया। संघ की ओर से पदोन्नति के लिए अनुभव में 2 साल की छूट और नए पदों के सृजन से जुड़े निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया गया।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि प्रमोशन में अनुभव की छूट मिलने से लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को राहत मिलेगी। वहीं, नए पदों के सृजन से विभागों में कार्य क्षमता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
राज्य सरकार का कहना है कि कर्मचारियों को बेहतर सेवा वातावरण उपलब्ध कराने से प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी और सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि कर्मचारी हितों को ध्यान में रखते हुए आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे।