राजस्थान के मरीजों को बड़ी राहत, वीडियो में देंखे अब देशभर में 31 हजार अस्पतालों में मिलेगा 25 लाख तक कैशलेस इलाज
राजस्थान के निवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब राज्य के नागरिक देशभर के करीब 31 हजार सरकारी और निजी अस्पतालों में 25 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज करा सकेंगे। इस सुविधा के तहत मरीजों को छोटी-मोटी सर्जरी से लेकर गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज तक का लाभ मिल सकेगा।
यह सुविधा मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) योजना के तहत उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी के पास एमएए योजना का कार्ड होना आवश्यक है। इस कार्ड के माध्यम से मरीज बिना किसी अग्रिम भुगतान के सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज करवा सकेंगे।
राज्य सरकार ने इस योजना में अब इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी (अंतरराज्यीय सुविधा) भी लागू कर दी है। इसके तहत राजस्थान का कोई भी पात्र मरीज अब देश के किसी भी अन्य राज्य में जाकर इस योजना के तहत कैशलेस इलाज प्राप्त कर सकता है। इस व्यवस्था को आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी कहा जा रहा है, जो मरीजों को इलाज के लिए राज्य की सीमाओं से बाहर जाने की स्वतंत्रता देती है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह सुविधा शुरू होने के शुरुआती तीन महीनों में ही इसका व्यापक असर देखने को मिला है। अब तक एक हजार से अधिक मरीज अन्य राज्यों में जाकर इस योजना के तहत इलाज का लाभ उठा चुके हैं। इससे स्पष्ट है कि यह सुविधा गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों और उनके परिवारों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है।
योजना के विस्तार के बाद मरीजों को अब बड़े शहरों और विशेषज्ञ अस्पतालों में इलाज के बेहतर विकल्प मिल रहे हैं। इससे न केवल समय पर उपचार संभव हो रहा है, बल्कि आर्थिक बोझ भी काफी हद तक कम हो रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पोर्टेबिलिटी सुविधा स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाती है। मरीजों को अब बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए किसी एक राज्य तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि वे अपनी सुविधा और आवश्यकता के अनुसार देशभर में कहीं भी इलाज करा सकेंगे।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में यह नया बदलाव राजस्थान के स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।