पीटीईटी-2026 को लेकर बड़ा फैसला: स्नातक अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थी भी काउंसिलिंग के लिए पात्र
राजस्थान में शिक्षक शिक्षा प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पीटीईटी-2026 को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया गया है, जिसके तहत अब स्नातक अंतिम सेमेस्टर में अध्ययनरत विद्यार्थी भी काउंसिलिंग प्रक्रिया में भाग लेने के लिए पात्र होंगे। इस फैसले से हजारों अभ्यर्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार, यह निर्णय शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में अधिक से अधिक योग्य उम्मीदवारों को अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है। पहले नियमों के अनुसार केवल वही विद्यार्थी काउंसिलिंग में शामिल हो सकते थे, जिन्होंने स्नातक परीक्षा पूरी कर ली हो और परिणाम घोषित हो चुका हो। लेकिन अब अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थी भी आवेदन और काउंसिलिंग में भाग ले सकेंगे, जिससे उनकी प्रवेश प्रक्रिया समय पर पूरी हो सकेगी।
राज्य के शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से शिक्षा शास्त्र और शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया अधिक लचीली और छात्र-अनुकूल बनेगी। इससे उन छात्रों को विशेष लाभ मिलेगा जो अपने अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाओं में शामिल हो चुके हैं और परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।
पीटीईटी (Pre-Teacher Education Test) के माध्यम से बीएड और अन्य शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता है। यह परीक्षा राजस्थान में शिक्षक बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। हर वर्ष हजारों छात्र इस परीक्षा के माध्यम से अपने शिक्षक बनने के सपने को साकार करते हैं।
नए निर्णय के बाद उम्मीद की जा रही है कि काउंसिलिंग प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की संख्या में वृद्धि होगी और सीटों का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अंतिम सेमेस्टर के छात्रों को प्रोविजनल आधार पर शामिल किया जाएगा और अंतिम प्रवेश उनके परिणाम की पुष्टि के बाद ही मान्य होगा।
छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह निर्णय उन छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो अपने करियर को समय पर आगे बढ़ाना चाहते हैं। इससे प्रवेश प्रक्रिया में अनावश्यक देरी भी नहीं होगी।
हालांकि, कुछ विशेषज्ञों ने यह भी सुझाव दिया है कि अंतिम सेमेस्टर के छात्रों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और समयसीमा तय की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक जटिलता न उत्पन्न हो।
कुल मिलाकर यह फैसला राजस्थान में शिक्षक शिक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी और व्यावहारिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे हजारों अभ्यर्थियों को लाभ मिलेगा और पीटीईटी-2026 की काउंसिलिंग प्रक्रिया अधिक सुचारू रूप से संपन्न होने की संभावना है।