भीलवाड़ा में ग्रामीण सरकार का ढांचा बदला, जिला परिषद के वार्डों का पुनर्गठन पूरा
भीलवाड़ा जिले की ग्रामीण सरकार का ढांचा अब पूरी तरह बदल गया है। राजस्थान पंचायती राज नियम 1994 के तहत जिला परिषद भीलवाड़ा के निर्वाचन क्षेत्रों (वार्डों) के पुनर्गठन, सीमांकन और पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जिला कलक्टर ने इन वार्डों का अंतिम प्रकाशन कर दिया है। नए परिसीमन के बाद अब जिले में कुल 45 वार्ड होंगे, जिनके आधार पर जिला परिषद की सरकार गठित होगी।
सूत्रों के अनुसार, इस नए वार्ड पुनर्गठन के साथ जिला परिषद का प्रतिनिधित्व और प्रशासनिक कार्य प्रणाली और अधिक समुचित और पारदर्शी बनेगी। पुराने वार्डों की संख्या और सीमाएं बदल गई हैं ताकि जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और विकास कार्यों के अनुसार प्रत्येक क्षेत्र का उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके।
जिला कलक्टर ने बताया कि नए वार्डों के निर्धारण में आबादी के आंकड़े, भौगोलिक विस्तार और ग्रामीण विकास की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा गया। उनका कहना है कि इससे जिला परिषद के सदस्यों के माध्यम से स्थानीय विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि नए परिसीमन के बाद भीलवाड़ा जिला परिषद में शासन और लोकतंत्र की प्रक्रिया और मजबूत होगी। प्रत्येक वार्ड अब अपनी जनता के हितों के अनुसार विकास परियोजनाओं और कल्याण योजनाओं के लिए प्रतिनिधि चुन सकेगा।
स्थानीय ग्रामीण क्षेत्रों में इस बदलाव को लेकर खुशी और उत्साह देखा जा रहा है। ग्रामीण जनता का कहना है कि नए परिसीमन से उनके क्षेत्र का उचित प्रतिनिधित्व और विकास सुनिश्चित होगा। कई लोग यह भी मानते हैं कि इससे राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और पारदर्शिता बढ़ेगी।
जिला परिषद के नए वार्डों की संख्या और संरचना अब स्थानीय चुनावों और विकास परियोजनाओं के लिए आधार बनेगी। आगामी पंचायत और जिला परिषद चुनाव में इन 45 वार्डों के माध्यम से सदस्यों का चुनाव होगा और उनके प्रतिनिधि गांव और शहर के विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
जिला प्रशासन ने सभी मतदाताओं और नेताओं से अपील की है कि वे नए वार्डों के अनुसार मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रियाओं की जानकारी रखें। अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन इस परिवर्तन को लेकर जागरूकता अभियान और आवश्यक निर्देश जारी करेगा ताकि आगामी चुनाव सुचारू और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो।
इस तरह, भीलवाड़ा जिला परिषद के नए स्वरूप में कुल 45 वार्ड निर्धारित किए गए हैं। यह बदलाव न केवल प्रशासनिक संरचना में सुधार लाएगा, बल्कि जिले में स्थानीय लोकतंत्र और विकास कार्यों को भी गति देगा।