भजनलाल सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 21 आईपीएस अधिकारियों के तबादले, जोधपुर-जयपुर में नए पुलिस कमिश्नर नियुक्त
जयपुर में भजनलाल शर्मा सरकार ने सोमवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 21 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस व्यापक बदलाव के तहत प्रदेश के दो प्रमुख शहरों जयपुर और जोधपुर में पुलिस नेतृत्व को बदला गया है। अधिकांश अधिकारियों को पदोन्नति के बाद नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
जारी आदेश के अनुसार, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के आईजी शरत कविराज को जोधपुर का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। वे अब जोधपुर शहर की कानून-व्यवस्था की कमान संभालेंगे। शरत कविराज को एक अनुभवी और सख्त अधिकारी माना जाता है और एसओजी में उनके कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए गए थे।
वहीं, जोधपुर के पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश को अब जयपुर का स्पेशल पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। राजधानी में यह एक अहम पद माना जाता है, जहां कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी जिम्मेदारी होती है। ओमप्रकाश के अनुभव को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा, जयपुर के स्पेशल पुलिस कमिश्नर राहुल प्रकाश को पदोन्नति देते हुए जयपुर रेंज का आईजी नियुक्त किया गया है। इस पद पर रहते हुए वे जयपुर रेंज के अंतर्गत आने वाले कई जिलों की पुलिस व्यवस्था की निगरानी करेंगे।
सरकार की ओर से जारी इस तबादला सूची में कई अन्य आईपीएस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह फेरबदल पुलिस व्यवस्था को और अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है। सरकार का मानना है कि नए अधिकारियों की नियुक्ति से कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण में सुधार होगा।
यह आदेश कार्मिक विभाग की ओर से जारी किया गया है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। अधिकारियों को जल्द ही अपने नए पदों पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रशासनिक फेरबदल से पुलिस महकमे में नई ऊर्जा आती है और अधिकारियों को अपने अनुभव के आधार पर बेहतर काम करने का अवसर मिलता है। खासकर जयपुर और जोधपुर जैसे बड़े शहरों में नए नेतृत्व से कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल, इस बड़े फेरबदल के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है और सभी की नजर अब नए नियुक्त अधिकारियों के कामकाज और उनकी कार्यशैली पर बनी हुई है।