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77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर भैरव बटालियन का जलवा, राष्ट्रपति को दी सलामी

 

भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर हर साल की तरह इस बार भी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य परेड और झांकियों का आयोजन किया गया, जिसे पहले राजपथ के नाम से जाना जाता था। इस बार परेड में सबसे बड़ा आकर्षण रही भारतीय सेना की नवगठित टुकड़ी, भैरव बटालियन, जिसने पहली बार 26 जनवरी की परेड में हिस्सा लिया।

भैरव बटालियन के जवानों ने परेड में सटीक कदमों और अनुशासन के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सलामी दी। इस दौरान भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने परेड की सलामी ली। गौरतलब है कि इसी महीने, 15 जनवरी को जयपुर में सेना दिवस पर भी इस बटालियन के जवानों ने शानदार परेड का प्रदर्शन किया था।

विशेषज्ञों का कहना है कि भैरव बटालियन की खासियत इसके जवानों की बहुमुखी भूमिका और रणनीतिक महत्व में है। यह टुकड़ी नई तकनीकों और आधुनिक सैन्य रणनीतियों में प्रशिक्षित है और विशेष अभियानों के लिए गठित की गई है। इसकी गठन प्रक्रिया में चुनिंदा सैनिकों को शामिल किया जाता है और उन्हें कड़ी ट्रेनिंग दी जाती है, जिससे परेड और फील्ड दोनों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा सके।

भैरव बटालियन का नाम भारतीय सेना में शौर्य और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है। बटालियन की स्थापना का उद्देश्य सेना की आधुनिक ताकत और उच्च स्तर की तैयारियों को दर्शाना है। परेड में इसकी भागीदारी ने भारतीय सेना की सशक्त छवि को प्रदर्शित किया और आम जनता तथा विदेशी दर्शकों का ध्यान खींचा।

इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड में भैरव बटालियन के जवानों की कदमताल, परेड का संयोजन और अनुशासन ने अधिकारियों और दर्शकों दोनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह टुकड़ी भविष्य में राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक अभियानों में भी अहम भूमिका निभाएगी।

राज्य और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों ने भी भैरव बटालियन के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह बटालियन भारतीय सेना की नवीनतम तकनीक और रणनीतिक तैयारियों का प्रतीक है। 26 जनवरी को राष्ट्रपति को सलामी देने का अवसर इस टुकड़ी के लिए गर्व का विषय रहा।

भारतीय जनता के लिए भैरव बटालियन की परेड केवल सैन्य ताकत नहीं, बल्कि देशभक्ति और शौर्य का संदेश भी देती है। इसकी चर्चा इसलिए होती है क्योंकि यह सेना की नई पीढ़ी की तैयारियों, आधुनिक हथियार और अनुशासन का प्रतीक है। भविष्य में भी गणतंत्र दिवस और अन्य राष्ट्रीय पर्वों पर इसकी भागीदारी महत्वपूर्ण बनेगी।

इस प्रकार, 77वें गणतंत्र दिवस पर भैरव बटालियन ने न केवल देशवासियों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि यह भी दिखाया कि भारतीय सेना आधुनिक तकनीक, अनुशासन और बहुमुखी क्षमता में लगातार प्रगतिशील है।