नरेश मीणा के समर्थकों की गिरफ्तारी पर बवाल, वीडियो में जाने नाहरगढ़ थाने के बाहर भगत सिंह सेना का प्रदर्शन; बोले- साथी नहीं छूटे तो जमानत नहीं कराएंगे
बारां जिले में नरेश मीणा के समर्थकों की गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार देर शाम भगत सिंह सेना के कार्यकर्ता नाहरगढ़ पुलिस थाने पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर प्रदर्शन कर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ नाराजगी जताई। उन्होंने गिरफ्तार युवकों को रिहा करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जब तक उनके साथी जेल से बाहर नहीं आएंगे, तब तक वे भी अपनी जमानत नहीं करवाएंगे।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और गिरफ्तार साथियों के समर्थन में एकजुटता दिखाई। उन्होंने कहा कि वे अपने साथियों को अकेला नहीं छोड़ेंगे। जरूरत पड़ने पर वे खुद भी गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं। कार्यकर्ताओं ने पुलिस से गिरफ्तार युवकों को जल्द रिहा करने की मांग की।
प्रदर्शन में बारां पंचायत समिति सदस्य और बीएसपी की प्रधान पद की प्रत्याशी ममता नागर सहित भगत सिंह सेना के कई कार्यकर्ता शामिल हुए। थाने के बाहर जुटे कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और गिरफ्तारियों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
चुनाव प्रचार के दौरान हुआ था वन विभाग के कर्मचारियों से विवाद
बताया जा रहा है कि इस पूरे विवाद की शुरुआत चुनाव प्रचार के दौरान हुई थी। भगत सिंह सेना के सुप्रीमो नरेश मीणा और वन विभाग के कर्मचारियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इस दौरान वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मारपीट किए जाने के आरोप लगे थे।
घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारियों की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामले में कार्रवाई की। पुलिस ने कुछ समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया था। इन गिरफ्तारियों के बाद नरेश मीणा के समर्थकों में नाराजगी फैल गई।
गिरफ्तार साथियों के समर्थन में गिरफ्तारी देने को तैयार
सोमवार शाम भगत सिंह सेना के कार्यकर्ता गिरफ्तार युवकों के समर्थन में नाहरगढ़ थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस से सभी गिरफ्तार साथियों को रिहा करने की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि जब तक उनके साथियों को रिहा नहीं किया जाता, वे जमानत की प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अपने साथियों के साथ खड़े हैं और जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी देने से भी पीछे नहीं हटेंगे। थाने के बाहर हुए इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने लगातार नारेबाजी की।
फिलहाल इस मामले में पुलिस की कार्रवाई और समर्थकों के प्रदर्शन को लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है। वन विभाग के कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट के मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई पर भी नजर रहेगी।