बंगाल चुनाव 2026: ममता के गढ़ में BJP का ‘राजस्थान कार्ड’, CM भजनलाल भी करेंगे ताबड़तोड़ प्रचार
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चुनावी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए राजस्थान के नेताओं को मैदान में उतार दिया है। पार्टी ने ममता बनर्जी के मजबूत गढ़ में सेंध लगाने के लिए राजस्थान के अनुभवी नेताओं को इलेक्शन मैनेजमेंट और प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी है।
राजस्थान के नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी
बीजेपी हाईकमान ने ‘मिशन बंगाल’ के तहत राजस्थान के कई कद्दावर नेताओं को अलग-अलग विधानसभा सीटों पर तैनात किया है। इस टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी, विधायक जितेंद्र गोठवाल, अतुल भंसाली और लादूराम तेली जैसे नेता शामिल हैं। इनका मुख्य काम बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना और चुनावी रणनीति को जमीन पर लागू करना है।
CM भजनलाल शर्मा भी करेंगे प्रचार
चुनाव को और धार देने के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी बंगाल में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। वे जल्द ही वहां चुनावी रैलियां करेंगे और प्रवासी राजस्थानियों के सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इसके साथ ही बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ भी प्रचार अभियान में हिस्सा लेंगे।
प्रवासी वोटर्स पर खास फोकस
बीजेपी की रणनीति का सबसे अहम हिस्सा बंगाल में बसे प्रवासी राजस्थानी (मारवाड़ी) समुदाय को साधना है। बंगाल की कई सीटों पर यह समुदाय निर्णायक भूमिका निभाता है। ऐसे में पार्टी ने राजस्थान के नेताओं को ‘कनेक्ट’ बनाने के लिए उतारा है, ताकि इन वोटर्स को सीधे प्रभावित किया जा सके।
संगठन को मजबूत करने की रणनीति
राजस्थान से भेजे गए नेताओं का काम सिर्फ प्रचार तक सीमित नहीं है, बल्कि वे स्थानीय कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, बूथ मैनेजमेंट सुधारने और पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने पर भी फोकस करेंगे। इस टीम में पूर्व सांसद, संगठन पदाधिकारी और अनुभवी कार्यकर्ता भी शामिल हैं, जो चुनावी गणित को साधने में जुट गए हैं।
क्यों अहम है ‘राजस्थान मॉडल’?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राजस्थान के नेताओं की संगठनात्मक क्षमता और जमीनी पकड़ बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। साथ ही, यह रणनीति ममता बनर्जी के ‘बाहरी बनाम स्थानीय’ नैरेटिव को भी चुनौती देने की कोशिश है।
चुनावी मुकाबला होगा दिलचस्प
पश्चिम बंगाल में पहले से ही सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। बीजेपी ने उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुनावी मैदान में उतरने के संकेत दे दिए हैं, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है।