26 जनवरी से पहले राजस्थान में बड़ी साजिश नाकाम, खेत में छिपा 10 हजार किलो बारूद का जखीरा
राजस्थान के नागौर ज़िले में भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस से पहले इन विस्फोटकों को बरामद करके एक बड़ी साज़िश को नाकाम कर दिया। कुछ महीने पहले हरियाणा में भी कई जगहों से हज़ारों किलोग्राम इसी तरह के विस्फोटक बरामद किए गए थे, जिसके बाद आतंकवादी डॉक्टरों के एक मॉड्यूल को पकड़ा गया था। हालांकि, एक डॉक्टर के भाग जाने के बाद दिल्ली में लाल किले के पास बम धमाका हुआ था। नागौर मामले में पुलिस टीम ने अभी तक ऐसी कोई जानकारी शेयर नहीं की है।
नागौर पुलिस के मुताबिक, गणतंत्र दिवस से पहले पुलिस ने 9,550 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया। थानवाला पुलिस स्टेशन और स्पेशल टीम (DST) ने शनिवार को एक जॉइंट ऑपरेशन किया और अवैध विस्फोटकों का ज़खीरा बरामद किया। पुलिस ने सरहद हरसौर गांव में एक खेत में बने घर पर छापा मारा और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री ज़ब्त की। इस मामले में पुलिस ने 58 साल के सुलेमान खान को गिरफ्तार किया है। आरोपी उसी इलाके का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
ज़िला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि पुलिस की स्पेशल टीम को अवैध विस्फोटकों की मौजूदगी के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी। पुलिस ने पहले जानकारी की पुष्टि की। इसके बाद, टीम ने योजना बनाई और घर को घेर लिया, फिर आरोपी के ठिकाने पर छापा मारा। मौके से लगभग 9,550 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया, जिसे 187 बोरियों में रखा गया था।
विस्फोटकों के ज़खीरे से बड़े पैमाने पर तबाही संभव
अमोनियम नाइट्रेट के अलावा, बरामद सामग्री में बड़ी मात्रा में डेटोनेटर और फ्यूज तार भी शामिल हैं। इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक मिलने से इलाके में दहशत फैल गई है। ऐसी विस्फोटक सामग्री से बड़े पैमाने पर तबाही हो सकती है। पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और जांच कर रही है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है कि यह सामग्री कहां से आई और इसका इस्तेमाल कहां किया जाना था।
टोंक पुलिस ने भी विस्फोटक ज़ब्त किए
गौरतलब है कि 31 दिसंबर को टोंक पुलिस ने भी 150 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट ज़ब्त किया था, जिसकी अवैध रूप से तस्करी की जा रही थी। यह विस्फोटक सामग्री यूरिया खाद की बोरियों में बूंदी से लाई जा रही थी। इसी अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास हुए बम धमाके में किया गया था। इसलिए, पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। गणतंत्र दिवस से ठीक दो दिन पहले इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक मिलने की घटना की हर एंगल से जांच की जा रही है।