बारां का लहसुन बनेगा ग्लोबल ब्रांड! GI टैग के लिए हुआ आवेदन, किसानों को बड़ी उम्मीद
राजस्थान के हाड़ौती संभाग में स्थित बारां जिले का प्रसिद्ध लहसुन अब अंतरराष्ट्रीय पहचान की ओर तेजी से बढ़ रहा है। अपनी खास खुशबू और तीखे स्वाद के लिए मशहूर यहां का लहसुन जल्द ही वैश्विक बाजारों में ‘ब्रांड’ के रूप में स्थापित हो सकता है। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार के निर्देश पर बारां कृषि उपज मंडी प्रशासन ने इस उत्पाद को जीआई टैग दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मंडी प्रशासन ने बारां के लहसुन के लिए जियोग्राफिकल इंडिकेशन रजिस्ट्री में औपचारिक आवेदन दाखिल कर दिया है। यदि यह आवेदन स्वीकृत हो जाता है, तो बारां का लहसुन ‘जियोग्राफिकल इंडिकेशन टैग’ प्राप्त कर लेगा, जिससे इसकी पहचान और गुणवत्ता को कानूनी संरक्षण मिलेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, बारां जिले की मिट्टी और जलवायु लहसुन की खेती के लिए बेहद अनुकूल मानी जाती है। यही कारण है कि यहां उत्पादित लहसुन का स्वाद और गुणवत्ता अन्य क्षेत्रों से अलग और बेहतर होती है। इसकी तीखी सुगंध और लंबे समय तक सुरक्षित रहने की क्षमता इसे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में खास बनाती है।
वर्तमान में भी बारां का लहसुन देश के कई बड़े बाजारों के साथ-साथ विदेशों में निर्यात किया जाता है। व्यापारियों का कहना है कि मध्य पूर्व, एशियाई और यूरोपीय देशों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में GI टैग मिलने के बाद इसकी ब्रांड वैल्यू और भी बढ़ेगी, जिससे किसानों और व्यापारियों को सीधा लाभ होगा।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि GI टैग मिलने से न केवल उत्पाद की पहचान मजबूत होती है, बल्कि नकली या मिलावटी उत्पादों पर भी रोक लगती है। इससे किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल पाता है और उनकी आय में वृद्धि होती है।
राज्य सरकार भी इस पहल को लेकर काफी सक्रिय नजर आ रही है। अधिकारियों का कहना है कि GI टैग के जरिए स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे ‘लोकल टू ग्लोबल’ की नीति को भी मजबूती मिलेगी।
स्थानीय किसानों में इस पहल को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। उनका मानना है कि अगर बारां के लहसुन को GI टैग मिल जाता है, तो यह क्षेत्र आर्थिक रूप से और सशक्त होगा। साथ ही, नई तकनीकों और बेहतर बाजार तक पहुंच मिलने से खेती को भी नया आयाम मिलेगा।
फिलहाल, सभी की नजरें GI रजिस्ट्री की प्रक्रिया पर टिकी हैं। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो आने वाले समय में बारां का लहसुन न केवल देश, बल्कि दुनिया के बाजारों में अपनी अलग पहचान बनाएगा और राजस्थान को एक और वैश्विक पहचान दिलाएगा